भारत में कोरोना से उबरे लोगों की संख्या 25 लाख से अधिक हुई : स्वास्थ्य मंत्रालय

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नई दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) देश में कोविड-19 बीमारी से स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 25 लाख से अधिक हो गई है जबकि मृत्यु दर घटकर 1.83 प्रतिशत रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

इस बीच, देश में किए गए कोविड-19 परीक्षणों की कुल संख्या करीब 3.9 करोड़ तक पहुंच गई। मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के संबंध में देश का रणनीतिक दृष्टिकोण ‘परीक्षण, निगरानी, उपचार’ का रहा है और यह बड़े पैमाने पर परीक्षण तथा शुरूआती निदान को रेखांकित करता है।

उसने कहा कि समय पर निदान से संक्रमित लोगों के उचित उपचार का अवसर मिल जाता है। इससे मृत्यु दर में कमी आती है वहीं मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़ती है। इस बीच देश में एक दिन में कोविड-19 के 75,760 नए मामले सामने आए जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 33,10,234 हो गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 1,023 लोगों की मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 60,472 हो गई। इसके अलावा, 24 घंटों के अंतराल में देश भर में 9,24,998 कोरोना वायरस परीक्षण किए गए। इस तरह किए गए परीक्षणों की कुल संख्या 3,85,76,510 तक पहुंच गई।

मंत्रालय के अनुसार अधिक रोगियों के स्वस्थ होने और अस्पतालों से छुट्टी मिलने के बाद भारत में ठीक हो चुके कोविड-19 मरीजों की संख्या 25 लाख से अधिक हो गई। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा केंद्र की अगुवाई वाली नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के कारण 25,23,771 रोगी स्वस्थ हो गए।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 56,013 मरीज स्वस्थ हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 रोगियों के स्वस्थ होने की दर 76.24 प्रतिशत है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्र्या 7,25,991 की तुलना में लगभग 18 लाख 17,97,780 अधिक लोग बीमारी से उबर चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु दर में कमी आई है और यह घटकर 1.83 प्रतिशत पर आ गई है। स्वस्थ होने की दर के लिहाज से दस राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के आंकड़े राष्ट्रीय औसत की तुलना में बेहतर हैं।

दिल्ली में यह दर सबसे अधिक 90 प्रतिशत है जबकि तमिलनाडु में 85 प्रतिशत, बिहार में 83.80 प्रतिशत, गुजरात में 80.20 प्रतिशत, राजस्थान में 79.30 प्रतिशत और असम और पश्चिम बंगाल दोनों में 79.10 प्रतिशत है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार असम में मृत्यु दर 0.27 प्रतिशत है जबकि बिहार में 0.42 प्रतिशत, तेलंगाना में 0.70 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 0.93 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 0.95 प्रतिशत और झरखंड में 1.09 प्रतिशत है।

मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण में तेजी प्रयोगशालाओं की संख्या में वृद्धि के कारण संभव हुई है। प्रयोगशालाओं की संख्या देश में अब 1,550 हो गई है जिनमें से 993 सरकारी क्षेत्र में और 557 निजी क्षेत्र में हैं।