इंदौर मुस्लिमबहुल इलाके में सड़कों के विवादास्पद साइन बोर्ड लगाने पर तीन अधिकारी नपे

इंदौर मुस्लिमबहुल इलाके में सड़कों के विवादास्पद साइन बोर्ड लगाने पर तीन अधिकारी नपे
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हाइलाइट्स

1. इंदौर के चंदन नगर इलाके की कुछ सड़कों के नामकरण को लेकर विवादास्पद साइन बोर्ड लगाए गए।

2. कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने आरोप लगाया कि नाम धर्म विशेष के आधार पर बदले।

3. अवैध नामकरण करने वाली पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर (मध्यप्रदेश), चार सितम्बर 2025 (भाषा)

इंदौर के एक मुस्लिमबहुल इलाके में सड़कों के नाम बदलकर इनके विवादास्पद साइन बोर्ड लगाने के मामले में नगर निगम ने तीन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।


नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने की कार्रवाई

शहर के चंदन नगर में मनमर्जी से सड़कों के नाम बदलने और परिवर्तित नामों के विवादास्पद साइन बोर्ड लगाने के मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के तहत नगर निगम के यातायात विभाग के एक प्रभारी कार्यपालन इंजीनियर और एक सब इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक प्रभारी सब इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।


चंदन नगर की सड़कों का नया नामकरण धर्म विशेष के आधार पर

नगर निगम ने मुस्लिमबहुल इलाके चंदन नगर की करीब पांच सड़कों के विवादित साइनबोर्ड 21 अगस्त को हटा दिए थे। यह कार्रवाई सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम को भेजे एक पत्र के बाद की गई थी। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि चंदन नगर की सड़कों का नया नामकरण ‘धर्म विशेष’ के नामों के आधार पर कर दिया गया है और शहरी निकाय के कर्मचारियों ने सड़कों पर ‘परिवर्तित नामों’ के साइनबोर्ड भी लगा दिए हैं।


कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने दी चेतावनी

आकाश, सूबे के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। उन्होंने पत्र में चेतावनी दी थी कि अगर ‘परिवर्तित नामों’ के बोर्ड सड़कों से तुरंत नहीं हटाए गए, तो ‘उग्र आंदोलन’ किया जाएगा।


नगर निगम ने साइन बोर्ड हटाएं

नगर निगम ने चंदन नगर में पिछले महीने जो विवादास्पद साइनबोर्ड हटाए थे, उनमें एक ही सड़क के दो प्रचलित नाम लिखे गए थे। मसलन एक साइन बोर्ड पर ‘सकीना मंजिल रोड’ के साथ ही ‘चंदन नगर सेक्टर-बी वॉर्ड क्रमांक दो’ भी लिखा गया था। इसी तरह, अन्य साइनबोर्ड पर ‘रजा गेट’ के साथ ही ‘लोहा गेट रोड’ भी लिखा गया था। कुछ क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि इन सड़कों के दो-दो नाम प्रचलित हैं और साइनबोर्ड हटाए जाने से अब आम लोगों को पता ढूंढने में परेशानी हो रही है।

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