कार्यालय सीज, साक्ष्यों की सुरक्षा बढ़ी; विभागीय जांच और एसआईटी की कार्रवाई तेज
कटनी, 22 अगस्त 2026 (दैमप्र)
कटनी के चर्चित जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। वहीं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुक्रवार तड़के कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को सीज किए जाने की कार्रवाई भी की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मामले में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव अथवा पद के कथित दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कार्यालय सीज, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर
कुठला थाने में एफआईआर क्रमांक 0738/2026 दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के तहत सीएसपी कार्यालय को सील किया गया। कार्रवाई के पीछे कंहवारा जमीन प्रकरण से संबंधित केस डायरी, कार्यालयीन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की कवायद बताई जा रही है, ताकि जांच की प्रक्रिया किसी भी तरह प्रभावित न हो। मामले में विभागीय जांच के साथ एसआईटी स्तर पर जांच की प्रक्रिया भी तेज किए जाने की जानकारी सामने आई है। शासन के इस एक्शन के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में हस्तांतरण का आरोप
पूरे मामले की जड़ कंहवारा स्थित जमीन के कथित विवादित हस्तांतरण से जुड़ी है। जांच में आरोप लगाया गया है कि हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर उसकी जमीन, जिसका गाइडलाइन मूल्य करीब 82.86 लाख रुपये बताया गया है, महज 18.20 लाख रुपये में हस्तांतरित कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आने का दावा है कि जमीन सौदे में सीएसपी की करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से फंडिंग की गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
कुठला थाने में दर्ज प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब शासन स्तर से सीएसपी के निलंबन के निर्देश और कार्यालय सीज किए जाने के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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