तिरुवनंतपुरम, 19 अक्टूबर 2025 (भाषा)
केरल के कई जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को भारी बारिश जारी रहीं वहीं कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने छह जिलों – एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। शेष आठ जिलों के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया है।
क्या हैं ऑरेंज अलर्ट और येलो अलर्ट
आईएमडी ने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के लिए भी ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। ‘ऑरेंज’ अलर्ट 24 घंटों में 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर के बीच ‘‘बहुत भारी बारिश’’ का संकेत जबकि ‘येलो’ अलर्ट छह सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर के बीच ‘‘भारी बारिश’’ का संकेत देता है।
इडुक्की जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश से केरल का इडुक्की जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां शनिवार रात और रविवार सुबह कई हिस्सों से बाढ़ और भूस्खलन की खबरें हैं। नेदुमकंदम, कुमिली और कट्टप्पना इलाकों में बाढ़ की खबर है। निवासियों को राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर और बढ़ गया। तमिलनाडु जल संसाधन विभाग ने 13 ‘स्पिलवे शटर’ (फाटक) 100 सेंटीमीटर तक खोल दिए हैं। जिला अधिकारियों के अनुसार, बांध से 1,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका जलस्तर सुबह पांच बजे 139.30 फुट दर्ज किया गया।
जिले के तीन अन्य बांधों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। एर्नाकुलम में रात भर हुई भारी बारिश के कारण रेलवे स्टेशन के पास बाढ़ आ गई,वहां मरम्मत का काम जारी है। विभिन्न नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। पथनमथिट्टा, कोझिकोड, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में भी भारी बारिश हुई।
22 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान
मलप्पुरम में, जिला अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का पानी कृषि भूमि में घुस गया है जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि 22 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है।
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