मुरैना, 19 अक्टूबर 2025 (भाषा)
मध्यप्रदेश के कम लिंग अनुपात वाले जिलों में से एक मुरैना में गैर-कानूनी रूप से भ्रूण लिंग जांच करते हुए एक फर्जी चिकित्सक को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी संजू शर्मा (30) को ग्वालियर और मुरैना की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा के साथ मिलकर शुक्रवार को मुरैना शहर में जौरा रोड पर गदोरा पुरा के पास एक संयुक्त छापेमारी में गिरफ्तार किया।
चपरासी ने फर्जी डॉक्टर बनकर की कमाई
खुद को चिकित्सक बताने वाला संजू शर्मा जिला शिक्षा विभाग में चपरासी का काम करता था और बिलगांव माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में गैर-कानूनी कार्यों में शामिल पाए जाने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया कि मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश जांगिड़ के निर्देशन में एक सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। आरोपी को पकड़ने के लिए सादे कपड़ों में एक महिला पुलिसकर्मी के साथ एक अन्य महिला को भेजा गया था।
अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त
टीम को शर्मा के पास एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन मिली और जैसे ही उसने लिंग परीक्षण की प्रकिया शुरू की, उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस संबंध में सिविल लाइंस पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया और मशीन जब्त कर ली गई। आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए मुरैना पुलिस को सौंप दिया गया। ग्वालियर स्वास्थ्य विभाग के सदस्य डॉ. प्रवल प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी पर कई महीनों से नजर रखी जा रही थी।
चार हजार लेकर घर-घर जाकर लिंग परीक्षण करता था आरोपी
सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा ने कहा कि आरोपी और उसके एजेंट पोर्टेबल मशीनों का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर लिंग परीक्षण करते थे और हर परीक्षण के लिए 2,000 से 4,000 रुपये लेते थे। मीना शर्मा ने कहा, ‘‘अगर भ्रूण लड़की का पाया जाता है, तो वे गर्भ खत्म करने के लिए मोटी रकम लेते थे। उनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में काम करता है।’’
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