नयी दिल्ली, 27 मई 2026 (भाषा)
देश में भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की अपील करते हुए बुधवार को कहा कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीते रहना सबसे जरूरी है।
भीषण गर्मी पर प्रधानमंत्री मोदी की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति ‘लू लगने’ (हीटस्ट्रोक) जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।’’
घर से निकलें तो पानी जरूर रखें
उन्होंने कहा, ‘‘देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।’’
हीटस्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, वह कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।”
मोदी ने कहा, ‘‘यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की भी सराहना करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।’’
बुजुर्गों और परिवार का रखें खास ध्यान
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।’’
पशु-पक्षियों के लिए भी रखें पानी
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।’’
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