भोपाल, 08 जून 2026 (भाषा)
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि इंदौर में मंगलवार से शुरू हो रही ब्रिक्स देशों की पांच दिवसीय बैठक में खाद्य सुरक्षा, स्मार्ट कृषि, वैश्विक कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
9 से 11 जून तक एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप बैठक
उन्होंने बताया कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत नौ से 11 जून तक कृषि कार्य समूह (एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप) की बैठक और 12-13 जून को ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक होगी।
क्या है ब्रिक्स ?
ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। बैठक के महत्व को रेखांकित करते हुए चौहान ने कहा कि ब्रिक्स दुनिया के विकासशील देशों की एक मजबूत आवाज है।
70 प्रतिशत छोटे किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की लगभग आधी आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है। वैश्विक कृषि भूमि का 42 प्रतिशत हिस्सा इन देशों में है और कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। दुनिया के 58 करोड़ किसानों में से 70 प्रतिशत छोटे किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं।’’
खाद्य सुरक्षा से लेकर रोबोटिक्स किया जाएगा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच दिवसीय बैठक में खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, पोषण, जलवायु अनुकूल स्मार्ट कृषि, अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार को सुगम बनाने, आपूर्ति शृंखला, डिजिटल कृषि, अनुसंधान, ज्ञान के आदान-प्रदान, कृत्रिम मेधा (एआई) और रोबोटिक्स जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के बीच सहमति बनने के बाद एक संयुक्त घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा। चौहान ने कहा कि भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स बैठकों की अध्यक्षता कर चुका है।
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