प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी

प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
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बिश्केक, 31 अगस्त 2026 (भाषा)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां महात्मा गांधी के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने बिश्केक में विभिन्न समुदायों के लोगों से भी मुलाकात की।

एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक आगमन

प्रधानमंत्री एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने और सदस्य देशों के नेताओं के साथ इसके इतर द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए रविवार को बिश्केक पहुंचे थे। किर्गिज गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। उनके स्वागत में पारंपरिक किर्गिज नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।

वंदे मातरम् और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्वागत

मोदी के होटल पहुंचने पर लोगों ने ‘‘वंदे मातरम्’’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया। वहां उन्होंने देशभक्ति गीत ‘‘मां तुझे सलाम’’ पर योग की प्रस्तुति और भगवान शिव पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य भी देखा। मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 31 अगस्त और एक सितंबर को आयोजित हो रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आए हैं। दस सदस्यीय एससीओ इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है।

एससीओ का इतिहास और सदस्यता का विस्तार

इस संगठन की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुए। मोदी ने शनिवार को रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में कहा था कि वह इस क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं जो ‘‘सुरक्षा, संपर्क और अवसरों’’ पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं।

उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद बिश्केक आगमन

मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद बिश्केक पहुंचे हैं। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने और 2030 तक वार्षिक व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

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