वृद्धि दर, मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान से दूर रहा रिजर्व बैंक, कहा मौजूदा जीडीपी अनुमान पर जोखिम

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मुंबई, 27 मार्च रिजर्व बैंक ने प्रस्तावित मौद्रिक नीतिगत घोषणा से पहले शुक्रवार को नीतिगत दरों तथा अन्य उपायों की अप्रत्याशित घोषणा की। हालांकि रिजर्व बैंक कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थिति में जोखिम को देखते हुए आर्थिक वृद्धि दर तथा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान से दूर रहा।  रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण अनिश्चितता की स्थिति है, अत: आर्थिक वृद्धि दर तथा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान से बचा गया है।

उन्होंने कहा कि इनका अनुमान इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में कोरोना वारस का संक्रमण किस तरीके से और कब तक फैलता है तथा इसका कितना असर होता है।  आर्थिक वृद्धि दर तथा खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रमुख वृहद आर्थिक मानक हैं। इनसे अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा के संकेत मिलते हैं।  दास ने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर के 2019-20 की चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत और पूरे वित्त वर्ष में पांच प्रतिशत रहने के अनुमान फिलहाल जोखिम से घिर गए हैं।

उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था के बारे में कहा कि दुनिया भर में हर कहीं आर्थिक नरमी और सघन हो गई है।  दास ने भारत के बारे में कहा, वृद्धि दर और मुद्रास्फीति की गति कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रकोप, अवधि तथा इसके असर पर निर्भर करेगी।  उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक तीन अप्रैल को मौद्रिक नीतिगत घोषणा करने वाला था। रिजर्व बैंक सामान्य तौर पर मौद्रिक नीति से जुड़ी हर घोषणा में वृद्धि दर और मुद्रास्फीति का अनुमान व्यक्त करता रहा है। (भाषा)

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