
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने इलेक्ट्रिक वाहनों तथा चार्जरों पर कर की दर घटाकर पांच प्रतिशत करने का शनिवार को निर्णय लिया। नई दरें एक अगस्त से प्रभावी होंगी। वित्त मंत्रालय ने जीएसटी परिषद की 36वीं बैठक के बाद एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
यह कदम पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के समाधानों को तेजी से अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। सभी इलेक्ट्िरक वाहनों पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। इसके साथ ही ऐसे वाहनों के बैटरी चार्जरों और चार्जिंग स्टेशनों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है।
बयान में कहा गया कि स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा 12 यात्रियों से अधिक क्षमता वाली इलेक्ट्िरक बस को किराए पर लेने में जीएसटी में छूट देने का भी निर्णय लिया गया। यह निर्णय भी एक अगस्त से प्रभावी होगा।
सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के चलन को प्रोत्साहित कर रही है। आम बजट 2019-20 में ऐसे वाहनों की खरीद के लिए कर्ज पर 1.5 लाख रूपए तक के ब्याज पर आयकर में कटौती का लाभ दिया गया है। सरकान ने इलेक्ट्िरक वाहनों के विनिर्माण और चलन को अधिक तेज बनाने को प्रोत्साहन के कार्यक्रम- फेम-2 के लिए 10,000 करोड़ रुपए का कार्यक्रम प्रस्तुत किया है। इसके तहत ऐसे वाहनों पर सब्सिडी देने की व्यवस्था है।