PANNA : कागजों पर सिमटा स्वछता सर्वेक्षण अभियान, सड़ी-गली सब्जियों से सडांध मार रहा शॉपिंग काम्पलेक्स

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पन्ना/पवई

जहां एक तरफ बडे-बडे महानगरों में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत अपनें शहर को नम्बर एक बनाने के लिए पूरे शहर को साफ-सुथरा रखा जा रहा है वहीं पवई नगर पंचायत के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नगर में नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। जिसका जीता-जागता उदाहरण नगर पंचायत के नजदीक थानें के सामनें स्थित शॉपिंग काम्पलेक्स में देखनें को मिल जायेगा।
जहां नगर पंचायत की दरियादिली से सडक पर संचालित सब्जी दुकानदारों द्वारा पूरे कॉम्पलेक्स में सडी-गली सब्जियां फेंकनें से पूरा कॉम्पलेक्स इन दिनों सडांध मार रहा है जिस कारण कॉम्पलेक्स में बैठे दुकानदारों का दुकानों में बैठना दूभर हो गया है।

सालों से नहीं हटा शौंचालय का मलवा –


बिगत् बर्षो से शॉपिंग काम्पलेक्स के प्रथम तल का निर्माण चल रहा है निर्माणाणीन ऐजेन्सी के ठेकेदार द्वारा निर्माणाधीन दुकानों का मलवा शौंचालय में फैंक दिया गया था जिसे पडे लगभग एक बर्ष हो रहा है परन्तु आज तक न तो निर्माणाधीन ऐजेन्सी के ठेकेदार द्वारा एवं न ही नगर पंचायत द्वारा शौचालय की सफाई कराई गई जिस कारण आज पूरे काम्पलेक्स मलवा एवं गंदगी से सडांध मार रहा है।

गंदगी का एटीएम –


उक्त स्थान काफी भीड-भाड वाला स्थान माना जाता है जहां दुकानों के साथ-साथ एटीएम संचालित होने से पूरे दिन यहां लोगों का आना जाना बना रहता है पूरे काम्पलेक्स में जगह-जगह फैली सडी-गली सब्जियों से यहां मवेशियों के जमावडे से काम्पलेक्स में गंदगी तो बनी ही रहती है इससे एटीएम भी अछूता नहीं है जहां एटीएम के बगल से संचालित शौंचालय महीनों से साफ न होने के कारण गंदगी बनी हुई है वहीं मवेशियों द्वारा एटीएम के अंदर गंदगी फैलाई जा रही है जिसकी देख रेख के लिए एटीएम का रख-रखाव करनें वाली प्राईवेट ऐजेन्सियों द्वारा कोई गार्ड नियुक्त नहीं किया गया है जिस कारण पूरे एटीएम में गंदगी फैली हुई है।

चोक पडी नालियां –


पूरे नगर में पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है जिस कारण पूरे नगर में घन्टे भर की बारिस से नगर में जगह-जगह लबा-लब पानी भर जाता है एवं जो भी नालियां बनी है उनकी भी बारिस के पूर्व साफ-सफाई न होने के कारण चोक पडी हुई है जिस कारण नालियों का गंदा मलवा सडकों व सार्वजनिक स्थानों पर आ जाता है।

नमूना बना फव्वारा –

सौंदर्यीकरण के नाम पर किस तरह शासन की राशि का गमन किया जाता है इसका उदाहरण भी शॉपिंग काम्पलेक्स के बीचो-बीच बने फव्वारे को देख कर मिल जायेगा जहां अधिकतम दो लाख की लागत के फव्वारे को 7 लाख में बनाया गया जो आज तक नहीं चला। सिर्फ नमूना बन कर रह गया है जो आज सडकों पर संचालित सब्जी दुकानों की सडी-गली सब्जियों के लिये कचडादान के प्रयोग में लाया जा रहा है।

दुकानों की जगह सडकों पर लग रही दुकानें –


सडकों के किनारे तंबू खींच कर सडकों के दोनो तरफ लगी दुकानों पर नगर पंचायत की बडी महरबानी बनी हुई है यही बजह है कि किराये से दुकानें लेने के बाद भी दुकानदार तंबू खींच कर सडकां पर दुकानें संचालित किये हुये है जिससे आवागमन प्रभावित तो होता ही है इसके साथ ही अन्य दुकानदारों की दुकानें भी प्रभावित हो रही है जिसके संबंध में कई बार नगर पंचायत व प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से शिकायतें होने के बाद भी स्थिति आज भी नगर पंचायत की महरवानी से जस की तस बनी हुई है।

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