कोलकाता, 10 मई 2026 (भाषा)
शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह एक ऐसे राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक उलटफेर को दर्शाता है जिसे लंबे समय से भाजपा के लिए वैचारिक स्तर पर सबसे कठिन मोर्चा माना जा रहा था। आजादी के बाद पहली बार ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड भाजपा सरकार के शपथग्रहण का गवाह बना।
जय श्री राम के नारों के बीच शपथ, मंच पर मोदी शाह मौजूद
शपथग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री विशाल मंच पर मौजूद थे। ‘‘जय श्री राम’’ के उद्घोष, ढोल की थाप और लहराते भगवा झंडों के बीच राज्यपाल आर. एन. रवि ने अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर पहुंचने के बाद जनादेश के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए लोगों की ओर मुख करके घुटनों के बल झुककर जैसे ही हाथ जोड़े और मंच पर नत मस्तक हुए, ऐतिहासिक स्थल पर एकत्र भाजपा के हजारों समर्थकों ने जोरदार नारों और तालियों से उनका स्वागत किया।
अधिकारी शुभेंदु ने ली मुख्यमंत्री के रूप में शपथ
भगवा कुर्ता, पतली लाल किनारी वाली सफेद धोती और माथे पर तिलक लगाए अधिकारी ने पहले शपथ ली और फिर उपस्थित लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। भाजपा नेता ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत हासिल की और टीएमसी के खिलाफ पार्टी के आक्रामक अभियान का नेतृत्व किया।

उनके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
ब्राह्मण से आदिवासी तक सबको जगह
शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण हैं, घोष अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, अग्निमित्रा पॉल कायस्थ हैं, कीर्तनिया मतुआ समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं, टुडू जंगलमहल के जनजातीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि प्रामाणिक उत्तर बंगाल के प्रभावशाली राजबंशी नेता माने जाते हैं। भाजपा के पहले मंत्रिमंडल में दो मंत्री उत्तर बंगाल और तीन दक्षिण बंगाल से हैं। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में अपना समर्थन मजबूत करने की पार्टी की कोशिश रेखांकित होती है।
मंत्रिमंडल की पहली बैठक सोमवार को होने की संभावना
सूत्रों ने बताया कि भाजपा सरकार के और मंत्रियों को सोमवार को राजभवन में शपथ दिलाए जाने की संभावना है। नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी उसी दिन हो सकती है। मंत्रियों के विभागों की घोषणा अभी नहीं की गई है।
ब्रिगेड बना सोनार बांग्ला का गवाह
ब्रिगेड परेड ग्राउंड को कभी वाम दलों का वैचारिक गढ़ माना जाता था और बाद में तृणमूल कांग्रेस ने भी इसे अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के प्रमुख मंच के रूप में इस्तेमाल किया। शनिवार को यही मैदान स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार के शपथग्रहण का स्थल बना। भाजपा खेमे ने इसे ‘‘डबल इंजन’’ सरकार के तहत ‘‘सोनार बांग्ला’’ की शुरुआत के रूप में पेश किया।

मोदी के पहुँचते ही गूंजा मैदान, भारत माता की जय से स्वागत
भगवा गमछा पहने और पार्टी के झंडे लिए हजारों कार्यकर्ता सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे। बड़े एलईडी स्क्रीन पर मोदी और अधिकारी के चुनावी भाषण दिखाए गए। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के साथ ही मैदान क्षेत्र में ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे गूंज उठे। कार्यक्रम स्थल के पास ही शहीद पार्टी कार्यकर्ताओं के नामों वाला एक अस्थायी स्मारक बनाया गया था, जहां कई समर्थक मुख्य सभा क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले रुके और मौन रहकर उन्हें याद किया।
मैं सबका मुख्यमंत्री हूं : अधिकारी शुभेंदु
शपथ लेने के तुरंत बाद, अधिकारी रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर जोरासांको ठाकुरबाड़ी गए और मुख्यमंत्री के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले नोबेल पुरस्कार विजेता को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ही मेरा आधिकारिक कार्य शुरू होगा।”

स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए अधिकारी ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति में वर्षों की गिरावट के बाद बंगाल को पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह आलोचना का समय नहीं है… मैं सबका मुख्यमंत्री हूं।” बाद में, उन्होंने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक निवास पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मोदी का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री लंबे समय से बंगाल में भाजपा सरकार देखना चाहते थे और उन्होंने शनिवार को राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।
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