नयी दिल्ली, 13 नवंबर 2025 (भाषा)
‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों ने लाल किला के पास विस्फोट में इस्तेमाल की गई सामग्री खरीदने के लिए 26 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई थी। उन्होंने बताया कि चार संदिग्धों – डॉ मुजम्मिल गनई, डॉ अदील अहमद राथर, डॉ शाहीन सईद और डॉ उमर नबी ने मिलकर नकद राशि जमा की थी, जिसे सुरक्षित रखने और परिचालन उपयोग के लिए डॉ उमर को सौंप दिया गया था।
प्रोफेसर डॉ उमर चला रहा था हुंदै आई20 कार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ उमर सोमवार शाम को लाल किले के व्यस्त इलाके में हुए विस्फोट में इस्तेमाल हुंदै आई20 कार चला रहा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह धनराशि एक बड़ी आतंकी साजिश के लिए थी।
26 क्विंटल खरीदा गया था एनपीके खाद
जमा की गई इस राशि से उन्होंने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के शहरों से लगभग 3 लाख रुपये मूल्य का लगभग 26 क्विंटल एनपीके खाद खरीदा था। अन्य रसायनों के साथ मिश्रित इस उर्वरक का इस्तेमाल आमतौर पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने में किया जाता है। समूह द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में खाद की खरीद, जांच में एक अहम सुराग बन गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि विस्फोट से पहले के दिनों में उमर और मुजम्मिल के बीच धन के लेन-देन को लेकर मतभेद था। जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस विवाद की वजह से इस समूह की योजनाओं या हमले के समय पर असर पड़ा?
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