नशे के खिलाफ मप्र पुलिस के अभियान ने बनाया कीर्तिमान, डीजीपी को मिलेगा ब्रिटेन की संसद में सम्मान

नशे के खिलाफ मप्र पुलिस के अभियान ने बनाया कीर्तिमान, डीजीपी को मिलेगा ब्रिटेन की संसद में सम्मान
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भोपाल, 02 अगस्त 2025 (भाषा)

मप्र पुलिस के नशे के खिलाफ एक पखवाड़े तक जारी रहे अभियान को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान मिला है और इस उपलब्धि के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया जाएगा। ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान ने व्यापक पैमाने पर मिली सफलता और लोगों की ‘अभूतपूर्व’ जनभागीदारी के कारण यह वैश्विक पहचान अर्जित की है।


डीजीपी कैलाश मकवाना प्रदान किया प्रमाणपत्र

मप्र पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में शुक्रवार को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने डीजीपी कैलाश मकवाना और एडीजी (नारकोटिक्स) केपी वेंकटेश्वर राव को एक आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर शुक्ला ने मकवाना को ब्रिटेन की संसद में 13 सितंबर को आयोजित होने वाले एक सम्मान समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इस समारोह में मकवाना को सम्मानित भी किया जाएगा।

सम्मान स्वीकार करते हुए मकवाना ने कहा, “हमारे युवाओं और किशोरों को नशे से मुक्त रखना सिर्फ एक सरकारी कर्तव्य नहीं है, बल्कि एक नैतिक दायित्व है। यह अभियान पुलिस कर्मियों, साझेदार विभागों और सार्वजनिक संगठनों के अथक प्रयासों की बदौलत जन आंदोलन में बदल गया। उन्होंने कहा कि विश्व रिकॉर्ड बनाना कभी इस अभियान का लक्ष्य नहीं था।


राज्य में ‘नशे से दूरी, है जरूरी’ अभियान

मध्यप्रदेश पुलिस ने इस साल 15 से 30 जुलाई तक पूरे राज्य में ‘नशे से दूरी, है जरूरी’ अभियान संचालित किया था।अधिकारियों के मुताबिक राज्य के 57 जिलों के 1,175 पुलिस थानों में यह अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 23 लाख व्यक्तियों ने सीधे तौर पर भाग लिया जबकि 6.35 करोड़ से अधिक लोग सोशल मीडिया के माध्यम से इससे जुड़े।

हाईलाइट्स

  • वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ ने डीजीपी को सौंपा प्रमाणपत्र
  • 13 सितंबर को ब्रिटेन की संसद में सम्मान समारोह में शामिल होंगे डीजीपी

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