इंदौर, 22 अगस्त (भाषा) तेज बुखार के 41 वर्षीय मरीज की मौत को साल भर से भी ज्यादा समय बीतने के बाद एलोपैथी के एक फर्जी चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्थानीय निवासी आरती पलवार ने ‘जन सुनवाई’ (आम लोगों द्वारा जिला प्रशासन को अपनी परेशानियां बताने की साप्ताहिक व्यवस्था) में शिकायत की थी कि एलोपैथी के फर्जी चिकित्सक प्रदीप पटेल के इलाज से उनके पति श्याम पलवार की 22 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी। पलवार की उम्र 41 वर्ष थी। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक उनके पति तेज बुखार का इलाज कराने पटेल के क्लीनिक में पहुंचे थे।
एलोपैथिक वैधानिक डिग्री नहीं, प्राथमिकी दर्ज
सीएमएचओ के अनुसार शिकायत पर जांच में पाया गया कि हवा बंगला क्षेत्र में पटेल का क्लीनिक नियम-कायदों के मुताबिक पंजीकृत नहीं है और उनके पास एलोपैथिक पद्धति से उपचार करने के लिए कोई वैधानिक डिग्री भी नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटेल के खिलाफ मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 और मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पटेल एक मेडिकल स्टोर के साथ यह क्लीनिक चला रहे थे और जांच में उनके पास फार्मेसी व इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की उपाधियां मिली थीं।
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