तियानजिन (चीन), 31 अगस्त 2025 (भाषा)
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान एवं संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि दोनों देशों के बीच सहयोग 2.8 अरब लोगों के कल्याण से जुड़ा है। मोदी ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने वक्तव्य की शुरुआत में कहा कि दोनों पक्षों द्वारा सीमा से सैनिकों को पीछे हटाए जाने से शांति और स्थिरता का माहौल बना।
प्रधानमंत्री मोदी-शी वार्ता
ऐसा समझा जाता है कि मोदी-शी वार्ता का मुख्य उद्देश्य उन द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना रहा जिनमें पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद गंभीर तनाव पैदा हो गया था। मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार शाम जापान से यहां पहुंचे। मोदी ने अपने संबोधन में पिछले साल अक्टूबर में शी चिनफिंग के साथ हुई अपनी बैठक के बाद से दोनों पक्षों द्वारा शुरू किए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई जिसने हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा दी।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को दी बधाई
प्रधानमंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की चीन द्वारा सफलतापूर्वक अध्यक्षता किए जाने पर शी को बधाई भी दी।मोदी ने कहा, ‘‘मैं एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए चीन को बधाई देता हूं। हम चीन आने के निमंत्रण और आज की हमारी बैठक के लिए एक बार फिर हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।’’ तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।

दोनों पक्षों ने ‘स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंधों के लिए कई कदम उठाए
विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ वांग की व्यापक वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने ‘‘स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी’’ संबंधों के लिए कई कदम उठाए जाने की घोषणा की थी। इन कदमों में विवादित सीमा पर संयुक्त रूप से शांति बनाए रखना, सीमा पर व्यापार को फिर से खोलना और सीधी उड़ान सेवाओं को जल्द से जल्द फिर से शुरू करना शामिल था।
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