जबलपुर (मध्यप्रदेश), 28 सितंबर 2025 (भाषा)
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने शहर में दशहरे के अवसर पर चर्चित ‘हनीमून हत्याकांड’ की आरोपी सोनम रघुवंशी समेत 11 महिलाओं की तस्वीरें पुतले पर लगाकर ‘शूर्पणखा दहन’ के कार्यक्रम पर रविवार को रोक लगा दिया।अदालत ने कहा कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम से संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों का ‘उल्लंघन’ होगा।
अब दशहरे पर केवल रावण दहन होगा
अदालत ने राज्य के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दशहरा उत्सव के दौरान रावण के पुतले के स्थान पर सोनम रघुवंशी या किसी अन्य का कोई पुतला नहीं जलाया जाए। यह आदेश सोनम रघुवंशी की मां संगीता रघुवंशी द्वारा इंदौर के एक सामाजिक संगठन पौरुष (पीपुल अगेंस्ट अनइक्वल रूल्स यूज्ड टू शेल्टर हैरेसमेंट) के खिलाफ दायर याचिका पर आया है।
शूर्पणखा दहन
देश में दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन इंदौर में पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पौरुष ने असत्य पर सत्य की विजय के इस त्योहार पर ‘शूर्पणखा दहन’ कार्यक्रम की घोषणा की थी। संस्था ने इस कार्यक्रम के लिए 11 सिरों वाला पुतला तैयार करना भी शुरू कर दिया था। अपने पति राजा रघुवंशी के हत्याकांड में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी और इसी तरह की जघन्य वारदातों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रही 10 अन्य कुख्यात महिलाओं के चित्र इन पुतलों पर लगाए गए हैं।
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