छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश), 09 अक्टूबर 2025 (एजेंसी/भाषा)
जहरीले कफ सिरप के सेवन से किडनी में संक्रमण के कारण मध्यप्रदेश के दो और बच्चों की मौत होने से इस मामले में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
पांच वर्षीय विशाल और चार वर्षीय मयंक की मौत
छिंदवाड़ा के अतिरिक्त कलेक्टर धीरेंद्र सिंह नेत्री ने बताया कि पांच वर्षीय विशाल की बुधवार शाम को और चार वर्षीय मयंक सूर्यवंशी की देर रात पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे छिंदवाड़ा के परासिया कस्बे के रहने वाले थे। छिंदवाड़ा के इन बच्चों की मौत संदिग्ध किडनी फेल होने के कारण हुई, जिसका संबंध ‘विषाक्त’ कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से है।
कफ सिरप मामले की अब होगी वैश्विक जांच
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारतीय अधिकारियों से जानना चाहा है कि क्या देश में बच्चों की मौत से जुड़ा कफ सिरप दूसरे देशों को निर्यात किया गया है।
डब्ल्यूएचओ ने भारत सरकर से पूछे सवाल
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या देश में बच्चों की मौत से जुड़ा कफ सिरप नियमित प्रक्रिया के तहत दूसरे देशों को निर्यात किया गया था।’’
- मध्य प्रदेश जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भारत ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
- भारत की फार्माकोविजिलेंस प्रणाली (दवा निगरानी व्यवस्था) कितनी प्रभावी है?
- क्या भारत में भी संक्रमित दवाओं की सार्वजनिक रिकॉल ड्राइव (दूषित दवा वापस लेने की मुहिम) चलाई गई है, जैसी
अमेरिका ने 1937 में की थी?
आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के लिए चेन्नई की एक अदालत में पेश किया जाएगा और शुक्रवार तक उसे परासिया लाया जाएगा।मध्यप्रदेश सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में बच्चों की मौतों की जांच के बीच दो औषधि निरीक्षकों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के एक उप निदेशक को निलंबित कर दिया था और राज्य के औषधि नियंत्रक का तबादला कर दिया था। छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को कथित कदाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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