अशोकनगर (मध्यप्रदेश), 15 अक्टूबर 2025 (भाषा)
अशोकनगर जिले के चंदेरी नगरपालिका से हटाए गए करीब 153 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें 10 दिनों के भीतर बहाल नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन को बाध्य होंगे। इस चेतावनी से पहले इन कर्मचारियों ने प्रशासन से सामूहिक धर्म परिवर्तन की अनुमति मांगी थी, जिसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि संविधान उसे ऐसी इजाजत देने की अनुमति नहीं देता।
153 कर्मचारियों को हटाया नौकरी से
इन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सामूहिक धर्म परिवर्तन की अनुमति के लिए आवेदन दिया और आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अधिकांश पार्षदों की मिलीभगत से 153 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है, जिससे उनके परिवार ‘भुखमरी की कगार’ पर आ गए हैं।
10 दिनों का दिया गया अल्टीमेटम
मिश्रा ने कहा, ‘‘यदि आगामी 10 दिनों के भीतर कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से सनातन धर्म त्यागकर अन्य धर्म अपनाने के लिए बाध्य होंगे।’’ उन्होंने कहा कि कर्मचारी यह कदम भारी मन से उठा रहे हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा उन सभी पार्षदों की होगी, जिन्होंने उन्हें हटाने के पक्ष में निर्णय लिया।
कर्मचारियों ने की मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो दीपावली के बाद वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करेंगे। अनुच्छेद 25 के तहत भारतीय संविधान धर्म को मानने, प्रचार करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। हालांकि, कोई भी व्यक्ति अपने धार्मिक विश्वासों को जबरन थोपने पर मजबूर नहीं करेगा।
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