सतना (मध्यप्रदेश), 22 अक्टूबर 2025 (भाषा)
देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने दिवाली के मौके पर सोमवार रात चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तट पर ‘दीपदान’ किया।
भगवान राम 11 साल रहें चित्रकूट में
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भगवान राम, उनकी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण ने अपने 14 साल के वनवास में से लगभग 11 साल चित्रकूट में बिताए, जो मध्यप्रदेश के सतना जिले और उत्तर प्रदेश के कर्वी क्षेत्र में फैला हुआ है और देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।
क्या हैं दीपदान?
‘दीपदान’ एक अनुष्ठान है जिसमें भक्त भारत में पवित्र नदियों पर तेल के दीपक (दीये) छोड़ते हैं।
22 लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी
सतना के पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने कहा, “शनिवार को चित्रकूट में शुरू हुए पांच दिवसीय वार्षिक मेले में करीब 22 लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में पवित्र डुबकी लगाई और आने वाले दो दिनों में कई और श्रद्धालुओं के डूबकी लगाने की संभावना है।” चित्रकूट के 10 किलोमीटर लंबे हिस्से में श्रद्धालु डेरा डाले हुए हैं और इलाके में पुलिस की कड़ी मौजूदगी है।
मप्र में मंदाकिनी नदी के 70 घाट
मध्यप्रदेश में मंदाकिनी नदी के 70 घाट हैं, जबकि अन्य उत्तर प्रदेश से सटे कर्वी इलाके में स्थित हैं। चित्रकूट जाने वाले तीर्थयात्री लगभग पांच किलोमीटर की परिक्रमा भी करते हैं, जिसमें से लगभग तीन किलोमीटर मध्यप्रदेश में पड़ता है।
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