इंदौर, 25 अक्टूबर 2025 (भाषा)
मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जन भागीदारी के जरिये इंदौर जिले के देपालपुर कस्बे की ऐतिहासिक सूरजकुंड बावड़ी का पुनरुद्धार किया है। “मंगलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित सूरजकुंड बावड़ी अपने मूल स्वरूप में लौट आई है।”
अहिल्याबाई होलकर ने कराया था इसका जीर्णोद्धार
“सूरजकुंड बावड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार इसका निर्माण 11वीं शताब्दी के दौरान परमार वंश के शासनकाल में हुआ था। इसके बाद इंदौर के तत्कालीन होलकर राजवंश की शासक देवी अहिल्याबाई होलकर ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। इससे यह बावड़ी स्थानीय नागरिकों के लिए स्वच्छ जल का प्रमुख स्त्रोत बन गई थी।’’
अमृत 2.0′ योजना
समय बीतने के साथ इस ऐतिहासिक बावड़ी की देख-रेख में कमी आई और यह बावड़ी सूखने की कगार पर पहुंच गई। अधिकारी के मुताबिक बावड़ी की उपेक्षा के कारण इसकी सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उन्होंने बताया कि इस बावड़ी के पुनरुद्धार का काम नगरीय विकास की ‘अमृत 2.0′ योजना’ के तहत शुरू किया गया और जन भागीदारी को लेकर स्थानीय नागरिकों के उत्साह ने इस परियोजना को गति दी। “बावड़ी के संरक्षण और सफाई से इसके जल की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार हुआ है।”
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