कटनी : वन्य जीव के शिकार के आरोप में पकड़े गए बुजुर्ग की वन विभाग की कस्टडी में मौत

कटनी : वन्य जीव के शिकार के आरोप में पकड़े गए बुजुर्ग की वन विभाग की कस्टडी में मौत
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बुधवार दोपहर खेत से लिया था हिरासत में, परिजनों ने मारपीट का लगाया आरोप

कटनी, 18 फरवरी 2026 (दैमप्र)

वन्य प्राणी सुअर का शिकार करने के आरोप में हिरासत में लिए गए बुजुर्ग की वन विभाग की कस्टडी में मौत हो गई। विभाग का दावा है कि पूंछताछ के दौरान आरोपी की तबियत बिगड़ी उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया। जबलपुर ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रताड़ना की वजह से बुजुर्ग आदिवासी की मौत हुई है।

पूरे वन विभाग में मचा हड़कंप

घटना के बाद पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर कोतवाली थाना प्रभारी राखी पांडे,माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे एवं एनकेजे थाना प्रभारी रूपेन्द्र राजपूत पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल में मौजूद रहे। जबकि जिला न्यायालय से माननीय न्यायाधीश परिजनों के बयान दर्ज किए हैं एवं शव की वीडियोग्राफी कराई है। गुरुवार दोपहर पीएम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

अचानक तबीयत बिगड़ जाने से हुई मौत

जानकारी के मुताबिक मामला कटनी वन परिक्षेत्र के सिमरा ग्राम का बताया है जहां जंगली सूअर के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किए गए 65 वर्षीय बुजुर्ग फूलचंद कोल पिता दशई कोल की वन विभाग की कस्टडी में मौत हो गई। वन विभाग ने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रखा गया था। इसी दौरान फूलचंद कोल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। विभाग का दावा है कि उन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था बाद में हालत गंभीर होने पर जबलपुर रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने वन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

हालांकि वन विभाग की कस्टडी में हुई मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के बेटे कोदू कोल का कहना है कि उनके पिता खेत की रखवाली कर रहे थे तभी वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे और बिना किसी ठोस कारण के जबरन उन्हें कार्यालय ले गए। परिजनों का आरोप है कि कार्यालय में फूलचंद कोल के साथ मारपीट की गई जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजनों का दावा है कि बुजुर्ग के मुंह से खून निकल रहा था और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे वन विभाग कार्यालय के सामने शव रखकर बड़ा आंदोलन करेंगे। मामले की जांच के लिए मौके पर पहुंचे तहसीलदार हर्ष वर्धन ने बताया कि फिलहाल शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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