नयी दिल्ली, 17 मार्च 2026 (भाषा)
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी को दोषी अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने का मंगलवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना ने उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया मंचों पर किसी भी तरह से ऐसी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से भी रोका।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश में क्या कहा
हिमायनी पुरी द्वारा दायर एक मुकदमे की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यदि सोशल मीडिया उपयोगकर्ता पोस्ट नहीं हटाते हैं, तो मंच ऐसी सामग्री को हटा देंगे या उस तक पहुंच को अवरुद्ध कर देंगे। अदालत ने कहा कि हिमायनी पुरी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है और यदि अंतरिम राहत नहीं दी गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप, अगली सुनवाई की तारीख तक निम्नलिखित निर्देश जारी किए जाते हैं।’’ अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई अगस्त में तय की। वादी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि वित्त पेशेवर के रूप में उनकी मुवक्किल की ‘‘वैश्विक प्रतिष्ठा’’ है जिसकी उन्हें रक्षा करनी है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘‘पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं।’’
हिमायनी ने अपनी याचिका में क्या कहा था
- हिमायनी पुरी ने अपने मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है और कई संस्थाओं को मानहानिकारक सामग्री फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है।
- उन्होंने आरोपियों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पोस्ट वापस लेने की भी मांग की।
- याचिका में कहा गया है, ‘‘22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों, जिनमें ‘एक्स’, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन, डिजिटल समाचार पोर्टल और अन्य वेब आधारित प्रकाशन शामिल हैं, पर झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट, लेख, वीडियो और सामग्री प्रकाशित और प्रसारित किए गए।’’
- हिमायनी पुरी ने दावा किया कि वह एक सफल वित्त और निवेश पेशेवर हैं और उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की बेटी हैं।
- उनके मुकदमे के अनुसार, प्रतिवादियों ने यह ‘‘निराधार आरोप’’ फैलाए कि हिमायनी पुरी के जेफ्री एप्स्टीन के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध थे। याचिका में कहा गया कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन हैं।
अन्य राष्ट्रीय खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

