सेंट पीटर्सबर्ग (रूस), 05 जून 2026 (भाषा)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि नयी दिल्ली को मॉस्को के साथ सहयोग कम करने के लिए मजबूर करने की पश्चिमी देशों की कोशिशें न केवल व्यर्थ हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी नुकसानदायक हैं।
भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक – पुतिन
‘पीटीआई’ समेत प्रमुख वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में पुतिन ने भारत की आर्थिक वृद्धि और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति की प्रशंसा की तथा कहा कि रूस, भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। पुतिन ने कहा, ‘‘भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस समय प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि दर प्रदर्शित कर रहा है।’’ उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच जाएगा।
भारत पर दबाव की रणनीति उल्टा असर डालेगी
उन्होंने कहा कि रूस को भारत पर पश्चिमी देशों के उस दबाव का कोई नकारात्मक प्रभाव दिखाई नहीं दिया है, जिसके तहत नयी दिल्ली से रूस के साथ अपने संबंध सीमित करने को कहा जा रहा है। उनका मानना है कि ऐसी रणनीतियां अंततः उल्टा असर डालेंगी। पुतिन ने कहा, ‘‘सभी को समझ आ गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक है। यह दबाव कहीं से भी आए, इससे फर्क नहीं पड़ता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसका कोई नकारात्मक परिणाम नहीं दिखा।’’
रूस, भारत को एक ‘‘भरोसेमंद साझेदार’’ मानता है – पुतिन
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और अमेरिका के बढ़ते संबंधों से रूस के लिए किसी तरह का टकराव या असहजता की स्थिति पैदा होती है, पुतिन ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण समझता है।’’ पुतिन ने कहा कि रूस, भारत को एक ‘‘भरोसेमंद साझेदार’’ मानता है और नयी दिल्ली के किसी अन्य देश के साथ संबंधों से उसे कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखता।
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