मंडला, 08 जुलाई 2026 (भाषा)
मध्यप्रदेश के मंडला जिले में मंगलवार को एक महिला ने अस्पताल ले जाने के क्रम में ऑटो में चार बच्चों को जन्म दिया, जिनकी बाद में मौत हो गई जबकि मां की हालत सुरक्षित है।
परिजनों ने लगाया आरोप
अधिकारी ने बताया कि प्रीमेच्योर (समय पूर्व) प्रसव और बच्चों के पूरी तरह विकसित ना होने के कारण उनकी मौत हो गई जबकि परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर यदि एम्बुलेंस की सुविधा मिल गयी होती तो बच्चों को बचाया जा सकता था।
हालत गंभीर होने पर किया रेफर
जिले की प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉक्टर डी. जे. मोहंती ने बताया कि नैगांव निवासी गणेश सिंगराम की पत्नी रजनी सिंगराम को सातवें महीने में ही प्रसव पीड़ा होने के कारण उसे निजी वाहन से पहले घुटास के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया।
तीन बच्चियों और एक मासूम ने तोड़ा दम
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही निजी वाहन में ही महिला को प्रसव हुआ और उसने चार बच्चों को जन्म दिया। मोहंती ने बताया, “चारों बच्चों के प्रीमेच्योर होने तथा सभी का वजन डेढ़-डेढ़ किलो ग्राम के आसपास होने के कारण उनकी मौत हो गई।” उन्होंने बताया कि जन्म लेने वाले बच्चों में तीन बालिकाएं और एक बालक था।
परिजनों का आरोप – कॉल करने के बाद भी नहीं मिला कोई रिस्पांस
उन्होंने कहा कि महिला को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। इस बीच, परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा को देखते हुए उन्होंने आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा पर फोन लगाया लेकिन उन्हें जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वे उसे ऑटो से अस्पताल लेकर जा रहे थे।
एम्बुलेंस आ जाती तो ज़िंदा होते बच्चे – महिला के पति
महिला के पति गणेश सिंगराम ने दावा किया कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो बच्चों को बचाया जा सकता था। इन आरोपों के सिलसिले में मंडला के जिलाधिकारी राहुल नामदेव धोटे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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