दिल्ली रोहिणी हादसा : इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हुई, प्राथमिकी दर्ज

दिल्ली रोहिणी हादसा : इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हुई, प्राथमिकी दर्ज
Share this news

नयी दिल्ली, नौ जुलाई 2026 (भाषा)

दिल्ली के रोहिणी इलाके में निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद बुधवार रातभर चले बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो और शव बरामद किए गए और इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

हादसे के बाद बचाव अभियान समाप्त

पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस हादसे में एक मजदूर घायल हुआ है। हालांकि, प्राथमिकी के विस्तृत विवरण की तुरंत जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार शाम भारी बारिश के दौरान निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने के बाद शुरू किया गया बचाव अभियान अब समाप्त हो गया है।

इमारत मालिक के पिता समेत 3 की मौत

पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘अभियान के दौरान एक मजदूर को मलबे से जीवित निकाला गया है और उसकी पहचान सद्दाम उर्फ रवि (32) के रूप में हुई है। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।’’ उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के दौरान तीन शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान स्थानीय दर्जी राम (42), मजदूर काफे उर्फ नुरुल (24) और राम दुआ (62) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि राम दुआ इमारत के मालिक के पिता हैं।

मलबा हटाने का काम जारी

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि राम दुआ को अस्पताल ले जाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अन्य दो शवों को लंबे समय तक चले तलाश अभियान के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। बयान में कहा गया है कि बचाव अभियान लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे में कोई और तो नहीं फंसा है। जायसवाल ने कहा कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और इमारत ढहने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

‘सरल’ योजना के तहत पास हुआ था नक्शा

यह हादसा बुधवार शाम चार बजकर 20 मिनट पर सेक्टर-16 स्थित नगर निगम के एक स्कूल के पास हुआ। निकाय की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, जी-4/152 और जी-4/153 नंबर की संपत्तियां इस घटना में प्रभावित हुई हैं। एमसीडी ने बुधवार को बताया कि यह इमारत हाल में बनाई गई थी और इसके नक्शे ‘सरल’ योजना के तहत स्वीकृत किए गए थे।

हादसे के वक्त चल रहा था प्लंबिंग का काम

नगर निगम के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, हादसे के समय इमारत में ‘प्लंबिंग’ (भवनों में जल आपूर्ति और अपशिष्ट निकासी के लिए पाइप एवं उपकरण स्थापित करना और उनका रखरखाव करना) का काम किया जा रहा था। हालांकि, एमसीडी ने स्पष्ट किया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।

विदेश से जुडी और ख़बरें पढने के लिए यहां क्लिक करें

About Post Author


Share this news
Advertisements