जकार्ता, 08 जुलाई 2026 (भाषा)
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता में स्थित ‘‘भव्य’’ प्रम्बानन मंदिर परिसर गए।
भारत-इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई धार
इस दौरान यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) के विश्व धरोहर स्थल के लिए संयुक्त संरक्षण परियोजना की शुरुआत की गई। दोनों नेताओं के इस ऐतिहासिक स्थल पर जाने से भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। भारत की सहायता से इस मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना शुरू करने के लिए दोनों देशों ने एक दिन पहले एक आशय-पत्र का आदान-प्रदान किया था।
तीन देशों के दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी
मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे थे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत व्यापार, सुरक्षा और दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।
ASI संभालेगी संरक्षण परियोजना की कमान
मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कहा था, ‘‘एक हजार वर्ष से अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का शाश्वत प्रतीक है।’’ इस संयुक्त संरक्षण परियोजना में भारत की ओर से प्रमुख एजेंसी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया प्रम्बानन मंदिर का अवलोकन
प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ इस प्रतिष्ठित मंदिर परिसर में जाना यह भी दर्शाता है कि भारत अपने साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में सांस्कृतिक कूटनीति को कितना महत्व देता है। प्रम्बानन मंदिर परिसर पहुंचने पर मोदी का पारंपरिक स्वागत किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ इस प्राचीन स्थल का अवलोकन किया। दोनों नेताओं के बीच उस समय गर्मजोशी दिखाई दी, जब उन्होंने हाथ मिलाया और मंदिर परिसर के केंद्रीय शिखरों की पृष्ठभूमि में तस्वीर खिंचवाई।
पीएम मोदी को दी गई प्रोजेक्ट की रूपरेखा
मोदी को ‘इंडोनेशिया-भारत कोलैबोरेटिव कल्चरल हेरिटेज कंजर्वेशन फॉर प्रम्बानन टेंपल कंपाउंड’ शीर्षक वाले औपचारिक सूचना-पट्ट के माध्यम से इस परियोजना और मंदिर के इतिहास की जानकारी दी गई। इस सूचना-पट्ट में परियोजना की रूपरेखा और उससे अपेक्षित परिणामों का भी उल्लेख किया गया है।
इंडोनेशियाई लोगों ने किया पीएम मोदी का भव्य स्वागत
इस दौरान इंडोनेशिया के लोगों के एक समूह ने पारंपरिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के साथ मोदी का स्वागत किया। मंदिर परिसर जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दोनों नेताओं की एक तस्वीर साझा की जिसमें वे विमान में गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं। मोदी ने लिखा, ‘‘राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए।’’ एक अन्य पोस्ट में मोदी ने मंदिर परिसर का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘भव्य प्रम्बानन मंदिर!’’
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