नयी दिल्ली, 09 जुलाई 2026 (भाषा)
कांग्रेस ने यूजीसी- नेट की परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग किया जाए।
एनटीए को जानबूझकर किया निष्क्रिय : जयराम रमेश
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि शिक्षा मंत्रालय ‘‘कमजोर’’ है और एनटीए को ‘‘जानबूझकर अक्षम एवं निष्क्रिय’’ बना दिया गया है जिसके कारण परीक्षा का प्रारूप बदलने के बावजूद प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताएं जारी हैं।
क्या सिर्फ CBT मोड से रुक जाएगा पेपर लीक?
रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि मई , 2026 में नीट-यूजी परीक्षा पत्र लीक होने के बाद शिक्षा मंत्री ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित की जाएगी। उनके अनुसार, इससे यह संदेश दिया गया कि सीबीटी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हो सकता।
CBT मोड में भी लीक हुआ समाजशास्त्र का पेप : रमेश
रमेश ने दावा किया कि अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि इस वर्ष का यूजीसी-नेट समाजशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र भी कथित रूप से लीक हुआ है जबकि यह परीक्षा सीबीटी मोड में आयोजित की गई थी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इससे पहले यूजीसी-नेट अंग्रेजी परीक्षा में प्रश्नों को पुराने प्रश्नपत्रों से बिना किसी बदलाव के उठाया गया था। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि परीक्षा का प्रारूप चाहे जो भी हो, प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताएं जारी हैं। उन्होंने ‘मंत्री प्रधान’ के इस्तीफे और एनटीए को भंग किए जाने की मांग दोहराई।
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