नयी दिल्ली (भाषा) | 24 जून 2025
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि वहनीयता (Sustainability) अब केवल एक नारा नहीं बल्कि वर्तमान समय की अनिवार्यता बन गई है। उन्होंने यह बात इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के 12वें राष्ट्रीय छात्र दीक्षांत समारोह 2025 के अवसर पर कही।
🌍 जलवायु संकट और कॉरपोरेट ज़िम्मेदारी पर दिया ज़ोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने जलवायु परिवर्तन के खतरे को रेखांकित करते हुए कहा:
“अब समय ऐसा नहीं रहा कि कॉरपोरेट संस्थाएं केवल लाभ कमाने के लिए काम करें। उन्हें पर्यावरणीय लागतों को भी अपने निर्णयों में शामिल करना होगा।”
उन्होंने लागत लेखाकारों (Cost Accountants) से अपील की कि वे अपने पेशेवर कौशल के माध्यम से ग्रह के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दें।
📊 लेखांकन और जवाबदेही का गहरा संबंध: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि लेखांकन केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह उत्तरदायित्व (Accountability) से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझें और पर्यावरण के प्रति सजग रहें।
🇮🇳 भारत के आर्थिक लक्ष्य में लागत लेखाकारों की अहम भूमिका
इस समारोह में कॉर्पोरेट मामलों की सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा:
“भारत को 30,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति आय वाली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में लागत और प्रबंधन लेखाकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।”
मुखर्जी ने युवाओं से प्रौद्योगिकी, नवाचार और तत्परता को अपनाने का आह्वान किया।
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