सोमनाथ पर्व उनकी याद में मनाया जाता है जिन्होंने सिद्धांतों, मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया : प्रधानमंत्री मोदी

सोमनाथ पर्व उनकी याद में मनाया जाता है जिन्होंने सिद्धांतों, मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया : प्रधानमंत्री मोदी
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नयी दिल्ली, 08 जनवरी 2026 (भाषा)

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाला ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया।

हमले हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके : मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय सोमनाथ! सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की आज से शुरुआत हो रही है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।’’

11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे मोदी

प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें ‘हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के साथ जरूर साझा करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने साझा की तस्वीरें

मोदी ने कहा, ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह अवसर, भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी साझा कर रहा हूं। यह वह साल था, जब हमने 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया था। 1951 में यह ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की मौजूदगी में संपन्न हुआ था।’’

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