बारिश से जम्मू क्षेत्र में तबाही : वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से नौ लोगों की मौत समेत 13 की मृत्यु

बारिश से जम्मू क्षेत्र में तबाही : वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से नौ लोगों की मौत समेत 13 की मृत्यु
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जम्मू/श्रीनगर, 27 अगस्त 2025 (भाषा)

जम्मू क्षेत्र में मंगलवार को नदियों के उफान पर होने से पानी के वेग से रास्ते में आने वाली हर चीज तहस-नहस हो गई और चट्टान, पेड़ और पत्थर ढलानों से नीचे गिर पड़े। जम्मू क्षेत्र में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जिनमें नौ तीर्थयात्री भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से हुई।

लगातार भारी बारिश ने न केवल जम्मू में बल्कि कश्मीर घाटी में भी तबाही मचाई। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, पुल ढह गए और मोबाइल टावर और बिजली के खंभे टहनियों की तरह टूट गए। अचानक बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई।


किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के बड़े हिस्से में दूरसंचार सेवाएं ठप हो गईं, जिससे लाखों लोगों का संचार संपर्क टूट गया और समस्याएं बढ़ गईं। उन्होंने बताया कि जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात निलंबित कर दिया गया और दर्जनों पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक आई बाढ़ के कारण अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त हो गईं। जम्मू आने-जाने वाली कई ट्रेन रद्द कर दी गईं।


21 लोग घायल

रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे भूस्खलन हुआ जिसकी चपेट में आने से कम से नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। मृतक संख्या बढ़ सकती है।


घुमावदार रास्ते पर हुआ भूस्खलन

अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुआरी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल जुटे हुए हैं और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन कटरा शहर से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग बीच में हुआ।


वैष्णो देवी मंदिर यात्रा स्थगित

मंदिर तक जाने के दो रास्ते हैं। हिमकोटि मार्ग पर सुबह से ही यात्रा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन पुराने रास्ते पर अपराह्न 1.30 बजे तक यात्रा जारी रही, जब अधिकारियों ने बारिश के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए इसे स्थगित करने का फैसला किया। पंजाब के मोहाली की किरण भी उन लोगों में शामिल थीं जो पत्थरों, पेड़ों और चट्टानें गिरने की चपेट में आ गए। किरण ने कटरा के एक अस्पताल में ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, ‘मैं दर्शन करने के बाद पहाड़ी से नीचे आ रही थी, तभी लोग चिल्लाने लगे। मैंने पत्थर गिरते देखे। मैं सुरक्षित जगह पर पहुंची, लेकिन घायल हो गई।’’


सेना तैनात

जम्मू के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कटरा और उसके आसपास बचाव और राहत कार्यों में सेना की तीन टुकड़ी तुरंत तैनात कर दी गईं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक टुकड़ी कटरा के अर्धकुआरी में लोगों की जान बचाने में मदद कर रही है। एक टुकड़ी कटरा से ठाकरा कोट जाने वाली सड़क पर भूस्खलन वाले स्थान पर पहुंच गई है और एक टुकड़ी जौरियां के दक्षिण में सहायता प्रदान कर रही है। लोगों की जान बचाने, ज़रूरतमंदों को सहायता प्रदान करने और नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। नागरिक एजेंसियों के साथ गहन समन्वय किया जा रहा है।’’


मचैल माता में आई थी तबाही

बारिश की तबाही का यह दिन किश्तवाड़ जिले के चिसोती में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के कुछ दिनों बाद आया है, जो मचैल माता मंदिर के रास्ते में आने वाला आखिरी गांव है। चिसोती में 14 अगस्त को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में 65 लोग मारे गए थे, जिनमें ज़्यादातर तीर्थयात्री थे जबकि 100 से ज़्यादा घायल हुए थे। कई लोग अब भी लापता हैं।


सीएम उमर अब्दुल्ला ने की बैठक

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने एक आपात बैठक की अध्यक्षता की और जिला प्रशासकों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया। अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘…आपातकालीन बहाली कार्यों और अन्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उपायुक्तों को अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।’ अब्दुल्ला ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन, पानी और दवा जैसी ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध कराने और कमजोर समूहों को राहत मुहैया कराने को प्राथमिकता देने का भी आदेश दिया।


27 अगस्त को भी बाढ़ और भूस्खलन का अनुमान

मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक लगातार मध्यम से भारी बारिश और बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की संभावना का अनुमान जताया है। विभिन्न स्थानों पर ऑप्टिकल फाइबर को व्यापक नुकसान पहुंचने के बाद जम्मू कश्मीर में सभी सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क बाधित होने की सूचना है।


स्कूल बंद

जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल को 27 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। जम्मू कश्मीर विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को होने वाली कक्षा 10वीं और 11वीं की सभी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया।

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