कटनी , 01 मई 2026 (दैमप्र)
गर्मी का पारा चढ़ते ही जंगलों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है वन्यजीव भी अपनी प्यास बुझाने आबादी की ओर रुख कर रहे हैं और अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। ऐसी एक घटना जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र में घटित हुई जहां पानी की तलाश में भटकता हुआ एक बारहसिंघा रिहायशी इलाके में पहुँच गया और हादसे का शिकार हो गया।
प्यास बुझाने आया, मौत के मुंह में फंसा
गुरुवार सुबह ढीमरखेड़ा के अतरसूंमा गाँव में लोगों ने एक पुराने और सूखे कुएं के भीतर हलचल महसूस की। पास जाकर देखने पर पता चला कि एक विशालकाय बारहसिंघा कुएं की गहराई में फंसा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि वह प्यास से व्याकुल होकर पानी की तलाश में जंगल से भटककर बस्ती की ओर आया था और अनियंत्रित होकर कुएं में गिर गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विकास निगम कुंडम परियोजना की टीम तुरंत हरकत में आई। रेंजर मनीष रोर के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया।
कुएं से निकला बारहसिंघा, जंगल में आजाद
रेस्क्यू टीम के सदस्य निशांत चौहान, आलोक लोधी, बलराम टिकरिया और सुखदेव कुमार ने कुएं में जाल डालकर बारहसिंघा को सुरक्षित तरीके से फंसाया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से उसे ऊपर खींचा गया। वैसे इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद बारहसिंघा को कोई गंभीर चोट नहीं आई। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही जानवर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर उसे वापस जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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