रतलाम में प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार का ‘फरमान’, प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आदेश

रतलाम में प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार का ‘फरमान’, प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आदेश
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रतलाम, 27 जनवरी 2026 (भाषा)

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के एक गांव के लोगों ने अजीबो-गरीब फरमान सुनाया है कि परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर पंचेवा गांव में सरेआम सुनाए गए इस फरमान से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने यह घोषणा करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है।

शरण देने वालों पर भी प्रतिबंध

वीडियो में एक व्यक्ति ग्रामीणों की भीड़ के सामने घोषणा करता नजर आ रहा है कि परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, उन्हें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों का साथ देने वाले ग्रामीणों पर भी सामाजिक प्रतिबंध लगाया जाएगा। वीडियो में परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों को पंचेवा गांव में किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने और उन्हें दूध व रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य चीजों की आपूर्ति नहीं किए जाने समेत कई सामाजिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की गई है।

लड़कियां कर रहीं प्रेम विवाह

ग्रामीणों का दावा है कि पंचेवा में पिछले छह महीनों में कुल आठ युवक-युवतियों द्वारा परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने के बाद 23 जनवरी को सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित वीडियो के प्रसारित होने के बाद प्रशासन के एक आला अफसर को गांव में भेजकर लोगों को समझाया गया कि वे कोई भी गैरकानूनी कदम न उठाएं।

जिला प्रशासन ने दिए आदेश

जिलाधिकारी मिशा सिंह ने सोमवार को बताया, ‘‘वीडियो का संज्ञान लेकर इसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान कर ली गई है। जांच में सामने आया है कि प्रेम विवाह के खिलाफ फैसले ग्राम सभा ने नहीं, बल्कि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लिए हैं।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल ने बताया कि इन लोगों को ‘बाउंड ओवर’ (किसी व्यक्ति को अच्छा आचरण बनाए रखने या शांति भंग न करने के लिए कानूनी रूप से पाबंद करना) किया जा रहा है और विस्तृत जांच के बाद आगामी कदम उठाए जाएंगे।

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