कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव : सीएम मोहन यादव

कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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कॉन्क्लेव में हुए 3 एमओयू प्रदेश के लिये होंगे महत्वपूर्ण माइनिंग से है कटनी की पहचान

हाइलाइट्स

1. कटनी में ‘मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ का आयोजन।

2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से देश में हो रहा बदलाव।

3. कई माइनिंग कंपनियों ने दिखाई एमपी में निवेश की रुचि।

कटनी, 24 अगस्त 2025 (एजेंसी)

कटनी में शनिवार को आयोजित मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में खनन क्षेत्र के उद्योगपतियों और खनन उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ हैं। इस अवसर पर मोहन यादव ने कहा कि नई परिस्थितियों और संभावनाओं के अनुरूप हम मध्यप्रदेश को देश के माइनिंग स्टेट के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का यही सही समय है। आप मध्यप्रदेश में अपना उद्योग लगाईए, बड़े सपने देखिए, इन्हें पूरा करने में हम आपकी हर संभव मदद करेंगे। सीएम मोहन यादव ने निवेशकों से अपील की कि दिल खोलकर मध्यप्रदेश में बेहिचक निवेश कीजिए, हम आपको निराश नहीं होने देंगे।


एमपी में व्यापार के लिए सबकुछ

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एक विजनरी लीडर हैं। उन्होंने हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हुए गुजरात में विकास का जो मॉडल खड़ा किया, आज हम सभी उससे परिचित हैं। उन्होंने किसानों-युवाओं-महिलाओं की जिंदगी बेहतर की। रतन टाटा ने लखटकिया कार का सपना देखा। उनकी उत्कृष्ट सोच थी कि जो परिवार बाइक पर जा रहा है, उसे अगर उतने ही रुपये में कार मिल जाए तो पूरा परिवार सुरक्षित हो जाएगा। इसी तरह की सोच हमारी भी है। हमारी संस्कृति जीओ और जीने दो की है। आज व्यापार अहम हो गया है। चारों ओर व्यापार की ही बात हो रही है।


जनता के कल्याण के लिए काम कर रही सरकार

सीएम मोहन यादव ने कहा है कि कटनी में खनिज का भंडार है। अब तो क्रिटिकल मिनरल्स भी मिल रहे हैं। पन्ना में हीरे मिलते हैं तो कटनी में भी सोना मिल सकता है। राज्य सरकार ने सभी सेक्टर्स के विकास के लिए पारदर्शी नीतियां लागू की हैं। पहले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कीं, अब सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव कर रहे हैं।

इनके बीच हुए एमओयू

कॉन्क्लेव में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। डॉ. चंद्र शेखर सिंह एचओडी क्रिटिकल मिलरल्स, श्री बिरांची दास डायरेक्टर एचआरएसएसईएल, श्री फ्रैंक नोबेल ए डायरेक्टर एंड जीडीएम एमपी स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन और प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। यह समझौता दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनी और राज्य खनन अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां देगा। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन हुआ।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उघोगपतियों से किया वर्चुअल संवाद

सीएम मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में श्री राजीव मुंद्रा (कोलकाता), श्री जेपी अग्रवाल (श्रीलंका), श्री विवेक भाटिया (दिल्ली), श्री वी.साईंराम (कोचीन), श्री थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री यादव का आभार मानते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सहज और सरल औद्योगिक नीतियों से हम बहुत कम समय में अपनी इकाई स्थापित कर पा रहे हैं। यह अन्य किसी राज्य में संभव नहीं है। श्री विवेक भाटिया ने कहा कि भारत में मध्यप्रदेश को बिल्कुल अलग तरह से देखा जा रहा है। सीआईआई से जुड़ी 100 से अधिक माइनिंग कंपनियां मध्यप्रदेश के खनन क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं देख रही हैं। बीना रिफाइनरीज सहित अन्य स्थानों पर विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश में निवेश बढ़ाना चाहती हैं।

सीएम मोहन यादव ने औद्योगिक विकास को गति प्रदान की  : प्रभारी मंत्री श्री सिंह

कटनी जिले केप्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत माता के गर्भ से निकले खनिज पूरी दुनिया में बेचे जाते हैं। उद्योगपतियों के माध्यम से धरती मां एक तरह से व्यवस्था का संचालन कर रही है। सीएम मोहन यादव ने कृषि आधारित प्रदेश की छवि को बदलकर औद्योगिक विकास को गति प्रदान की है। पहले हम उद्योग की बात करते थे तो गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु का नाम सामने आता था।


मध्यप्रदेश की धरती रत्नगर्भा : सांसद श्री शर्मा

खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश को आर्थिक दृष्टि से संपन्न बनाने के लिए मुख्यमंत्री यादव निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार संपूर्ण प्रदेश को आगे ले जाने के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की धरती रत्नगर्भा है। कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पन्ना में हीरा के खनन के साथ उसकी पॉलिसिंग भी स्थानीय स्तर पर होगी। नौजवानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। युवाओं के कौशल विकास के लिए कटनी में माइनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करना चाहिए। सिंगरौली में पहले ही ऐसा एक इंस्टीट्यूट खोला जा चुका है। भविष्य में कटनी देश का प्रमुख और औद्योगिक शहर बनेगा।


उद्योगपतियों ने साझा किये अनुभव

श्री संजीव कुमार सिंह : हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन श्री संजीव कुमार सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। हमारी 12 मिलियन टन तांबा उत्पादन क्षमता में 5 टन मलजखंड खदान से आएगा। कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। मुख्यमंत्री यादव के सहयोग से मध्यप्रदेश को तांबा उत्पादन में अग्रणी बनाएंगे।

श्री कौशिक बोस : माइनवेयर एडवायजर के एमडी श्री कौशिक बोस ने कहा कि हमारी कंपनी मैकेनाइज माइनिंग करती है। राज्य में 450 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री यादव द्वारा दी जा रही सुविधिाओं के लिये आभार माना। कॉन्क्लेव में सहभागी बने अन्य उद्योगपतियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए मध्यप्रदेश की खनन नीति की सराहना की।

श्री उमाकांत उमराव : प्रमुख सचिव खनिज संसाधन श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती हीरे के साथ सोना भी उगलती है। मध्यप्रदेश, देश में ऐसा इकलौता राज्य है, जहां हर तरह के खनिज उपलब्ध हैं। कॉपर में सबसे अधिक उत्पादन, लाइमस्टोन और हीरा उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। कई खनिज की उपलब्धता उच्च श्रेणी में है। प्रदेश के हर जिले में कोई न कोई खनिज जरूर मिलता है। शहडोल में कोल, बॉक्साइड है, छिंदवाड़ा में कोल और बैतूल में ग्रेफाइट है। खनिजों के दोहन के लिए आवश्यक अधोसंरचना की जरूरत है। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। प्रदेश के इंस्टीट्यूट से हर साल 1 लाख बच्चे पढ़कर निकलते हैं। प्रदेश में बिजली सरप्लस है और पानी की पर्याप्त उपलब्धता है।

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