नयी दिल्ली, 30 सितंबर 2026 (भाषा)
शिक्षा मंत्रालय प्रवेश परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) ढांचे की रणनीति तैयार कर रहा है, ताकि कागज-कलम के माध्यम से होने वाली नीट प्रवेश परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके।
नीट कब से ऑनलाइन हो सकती है?
इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद केंद्र ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से चिकित्सा प्रवेश परीक्षा सीबीटी माध्यम से आयोजित की जाएगी। घटनाक्रम से अवगत अधिकारियों ने बताया कि योजना पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले कार्यबल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा।
सभी प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी?
यह कार्यबल भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए गठित किया गया है। अब तक नीट प्रवेश परीक्षा कागज-कलम माध्यम से आयोजित होती रही है। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन और सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) समेत कई अन्य परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित करती है। सूत्रों ने बताया कि बुनियादी ढांचे की रणनीति तैयार होने के बाद सभी प्रवेश परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने की योजना है।
देश भर में परीक्षा मानकों को एकरूप बनाने पर जोर
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता में भौगोलिक अंतर को कम करने, केंद्रीय स्तर पर परीक्षा-ग्रेड मानकों को एकरूप बनाने और कागज-कलम माध्यम वाली परीक्षाओं को सीबीटी में बदलने के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी रणनीति तैयार की जा रही है। विभिन्न स्रोतों पर आधारित मॉडल के तहत इस रणनीति पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।’’
यह कदम एनटीए में जारी व्यापक सुधार के बीच उठाया गया है। एनटीए एक स्वायत्त निकाय है जो नीट-यूजी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए अन्य परीक्षाएं आयोजित करता है।
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