जबलपुर के जिलाधिकारी ने निजी अस्तबल में मौजूद घोड़ों के स्वास्थ्य जांच के लिए समिति बनाई

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जबलपुर (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थानीय प्रशासन ने हाल ही में तीन घोड़ों की मौत के बाद एक निजी अस्तबल में मौजूद घोड़ों की उचित देखभाल के संबंध में बृहस्पतिवार को एक समिति गठित की।

जबलपुर के रैपुरा गांव में स्थित एक अस्तबल में मई में आठ घोड़ों की मौत हो गई थी, जिसके पीछे गर्म मौसम को कारण बताया गया था।

जिलाधिकारी दीपक सक्सेना ने बताया कि घोड़ों की समुचित देखभाल हो रही है या नहीं, यह पता लगाने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

उन्होंने बताया कि पांच मई को जिला प्रशासन ने तीन पशु चिकित्सकों की टीम को रैपुरा गांव में भेजा था।

अधिकारी ने बताया कि इन घोड़ों को सचिन तिवारी नाम का एक शख्स हैदराबाद से लाया था।

इस बीच, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय शुक्रवार को पशु कल्याण कार्यकर्ता सिमरन इस्सर द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें घोड़ों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए तिवारी के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि घोड़ों का स्वामित्व, टीकाकरण, चिकित्सा इतिहास और अनुमति सहित उचित दस्तावेज के बिना रखा गया है।

तिवारी पर घोड़ों को अवैध तरीके से हैदराबाद से जबलपुर लेकर आने का आरोप है।

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