नई दिल्ली, 09 जुलाई । अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसा की शुरुआती जांच रिपोर्ट इस सप्ताह सार्वजनिक की जाएगी। यह जानकारी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने बुधवार को संसद की एक स्थायी समिति को दी।
📅 12 जून को हुआ था यह भयावह हादसा
12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 250 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी। यह भारत के विमानन इतिहास का एक भीषण विमान हादसा माना जा रहा है।
🔍 जांच रिपोर्ट अंतिम चरण में
सूत्रों के अनुसार, एएआईबी की रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। लेकिन अधिकारियों ने बताया कि विमान का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर सुरक्षित है, और उनका डेटा विश्लेषण किया जा रहा है। जांच में सभी तकनीकी पहलुओं को शामिल किया गया है।
🌐 बोइंग और विदेशी विशेषज्ञों की मदद
गहन जांच के लिए विमान निर्माता कंपनी बोइंग और अन्य अंतरराष्ट्रीय तकनीकी एजेंसियों की मदद ली जा रही है। एएआईबी ने हादसे के अगले ही दिन जांच शुरू कर दी थी, और महानिदेशक जीवीजी युगंधर की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई।
🏛️ संसद समिति की विस्तृत बैठक
बुधवार को संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति की बैठक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता संजय झा (जदयू) ने की।
इसमें कई प्रमुख सांसद शामिल हुए:
- राजीव प्रताप रूडी (भाजपा, पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री)
- कुमारी शैलजा, नीरज डांगी, इमरान प्रतापगढ़ी (कांग्रेस)
- सुरेन्द्र सिंह नागर, तापिर गाओ (भाजपा)
सदस्यों ने अहमदाबाद विमान हादसा को गंभीर बताते हुए सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए और एजेंसियों की जवाबदेही की मांग की।
⚠️ डीजीसीए की कार्यप्रणाली पर चिंता
संसद समिति के कई सदस्यों ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि DGCA ने समिति की पूर्व सिफारिशों को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखाई।
🎫 हवाई किरायों में बेतहाशा वृद्धि पर भी चर्चा
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि महाकुंभ और पहलगाम आतंकी हमले जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के बाद हवाई किरायों में भारी वृद्धि देखी गई। DGCA ने भरोसा दिलाया कि वह इस पर नियंत्रण के लिए एक स्थायी तंत्र विकसित कर रहा है।
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