कटनी आयुध निर्माणी रक्षा कर्मचारियों ने ओव्हर टाईम की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

कटनी आयुध निर्माणी रक्षा कर्मचारियों ने ओव्हर टाईम की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
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कटनी, 03 अगस्त 2025 (दैमप्र)

तकरीबन एक दशक से आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण के शिकार हो रहे कटनी आयुध निर्माणी के रक्षा कर्मचारियों के सब्र का बाँध, आखिरकार टूट गया। मजदूर संघ के नेतृत्व में ओव्हर टाईम सहित अन्य मुख्य मांगों को लेकर एक ज्ञापन यंत्र इंडिया लिमि के मुख्य प्रबंध निदेशक नागपुर मुख्यालय को प्रेषित किया गया।


रक्षा कर्मचारियों ने सैकड़ो की तादात में की नारेबाजी

यंत्र इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि शिव पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा मजदूर संघ की अगुवाई में सैकड़ो की तादात में नारेबाजी करते हुए आयुध निर्माणी कर्मचारियों के द्वारा शनिवार 2 अगस्त को कार्यकारी निदेशक आयुध निर्माणी कटनी को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपने उद्गारों में गहन रोष के साथ ही प्रबंधन को आगाह किया कि, प्रबंधन की शोषणकारी गतिविधियों पर अविलंब अंकुश लगाकर यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शीघ्र ही उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदारी प्रबंधन की होगी ।


कर्मचारियों का हो रहा चौतरफा शोषण

मजदूर संघ के कार्यवाहक महामंत्री संजय तिवारी ने बताया कि, निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति सभी कर्मचारियों का प्रथम उद्देश्य है। आयुध निर्माणी कटनी में एक तरफ 2017 से लगातार ओव्हर टाइम पर तो लगभग पूरी तरह से रोक लगी हुई है दूसरी ओर कर्मचारी फोरम में बिना चर्चा के उत्पादन के घंटे तथा रेट भी कम किए जा चुके हैं। जिसके चलते कर्मचारियों का चौतरफा शोषण भी शुरू हो रहा है। संघ प्रतिनिधियों के मुताबिक निर्माणी में नई भर्तियों के अभाव में कर्मचारियों की संख्या में लगातार कमी के साथ ही मशीनों की जर्जर अवस्था, समय पर कच्चे माल की आपूर्ति न होना जैसी अन्य अनेकों विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी निर्माणी कर्मचारी निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति से कभी भी पीछे नहीं हटा।


चालू वित्त वर्ष 2025 – 26 एसएमएच भी उपलब्ध एसएमएच से अधिक

चालू वित्त वर्ष 2025 – 26 में ही उत्पादन लक्ष्य की पूर्ति के लिए आवश्यक एसएमएच भी उपलब्ध एसएमएच से अधिक है। इसीलिए समय पर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए न्यूनतम 51 घंटे ओवर टाइम दिए जाने की मांग न्याय संगत है। इसके साथ ही ज्ञापन में लागू पीएलआई स्कीम पर पुनर्विचार, न्यायालयीन आदेशानुसार एचआरए में ओटी एरियर्स का भुगतान तथा मुख्य रूप से 51 घंटे न्यूनतम ओव्हर टाईम प्रदान करके उत्पादक कार्यों में ठेका श्रमिकों का कम से कम तथा उत्पादन अनुभागों के उत्पादन कार्यों में उपयोग ना किये जाने करने की बात कही गई है।

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