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- पांढुर्ना के गोटमार मेले में 400 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- पांच की हालत गंभीर, दो को नागपुर रेफर किया गया।
- 300 साल पुरानी परंपरा में दोनों गांव करते हैं पत्थरबाजी।
- पुलिस ने ड्रोन निगरानी और हथियारों पर पाबंदी लगाई।
पांढुर्ना (मप्र), 24 अगस्त 2025 (भाषा)
मध्यप्रदेश के पांढुर्ना जिले में शनिवार को वार्षिक गोटमार उत्सव के दौरान 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें से पांच गंभीर रूप से घायल हैं। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया है।
क्या हैं गोटमार उत्सव?
इस उत्सव के दौरान, पांढुर्ना और सावरगांव के निवासी लगभग तीन शताब्दी से चली आ रही परंपरा के तहत एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। यह मेला देवी चंडिका के चरणों में अनुष्ठान करने के साथ शुरू होता है।
मान्यता है कि पांढुर्ना का एक लड़का पड़ोसी सावरगांव की एक लड़की का अपहरण कर ले गया और उसके साथ नदी पार करते समय पत्थरों की बौछार का सामना किया। इसके साथ ही उसके गांव के निवासी उसे बचाने आए। मेले में, दोनों गांवों के प्रतिद्वंद्वी समूह जाम नदी के दोनों ओर इकट्ठा होते हैं और बीच धारा में लगे एक पेड़ पर लगे झंडे को छीनने के लिए होड़ लगाते हैं, और इसके तहत दोनों ओर से एक दूसरे पर पत्थर फेंके जाते हैं।
आयोजन में 500 पुलिसकर्मी 10 एम्बुलेंस और कई मेडिकल टीम तैनात
पुलिस ने ड्रोन कैमरों से उत्सव की निगरानी की और गुलेल, हथियारों और शराब के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। इस आयोजन के लिए 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, कई मेडिकल टीम और 10 एम्बुलेंस तैनात की गईं।
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