हाइलाइट्स
| 1 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को एक पत्र जारी कर उनसे रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए कहा है। 2 ट्रंप ने कहा कि नाटो देशों को यूक्रेन संघर्ष खत्म करने में मदद के लिए चीन पर 50 से 100% शुल्क लगाना चाहिए। 3 ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन युद्ध उनका नहीं बल्कि बाइडेन और जेलेंस्की का संघर्ष है, जिसे वे रोकना चाहते हैं। |
बास्किंग रिज(अमेरिका), 14 सितंबर 2025 (एपी)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उनका मानना है कि यदि नाटो के सभी सदस्य देश रूसी तेल की खरीद बंद कर दें और रूसी पेट्रोलियम खरीदने को लेकर चीन पर 50 से 100 फीसदी टैरिफ (शुल्क) लगा दें, तो रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म हो जाएगा।
रूसी तेल की खरीद ‘‘चौंकाने वाली’’ : ट्रंप
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया साइट पर किये गए पोस्ट में कहा कि युद्ध जीतने के लिए नाटो की प्रतिबद्धता ‘‘100 प्रतिशत से भी कम’’ रही है और उत्तरी अटलांटिक गठबंधन संधि (नाटो) के कुछ सदस्यों द्वारा रूसी तेल की खरीद ‘‘चौंकाने वाली’’ है।उन्होंने कहा, ‘‘यह रूस के साथ आपकी बातचीत की स्थिति और सौदेबाज़ी की शक्ति को बहुत कमजोर करता है।’’
रूसी कच्चे तेल का तुर्किये तीसरा सबसे बड़ा खरीदार
ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र के अनुसार, चीन और भारत के बाद रूसी कच्चे तेल का नाटो सदस्य तुर्किये तीसरा सबसे बड़ा खरीदार रहा है। रूसी तेल खरीदने वाले 32 देशों के गठबंधन के अन्य सदस्यों में हंगरी और स्लोवाकिया भी शामिल हैं।
चीन पर टैरिफ से युद्ध खत्म करने में मिलेगी मदद : ट्रंप
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि रूसी तेल पर नाटो द्वारा प्रतिबंध और चीन पर ‘टैरिफ’ लगाये जाने से ‘‘इस घातक, लेकिन हास्यास्पद युद्ध को समाप्त करने में भी बहुत मदद मिलेगी।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि नाटो सदस्यों को चीन पर 50 प्रतिशत से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाना चाहिए और अगर रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के साथ शुरू हुआ युद्ध समाप्त हो जाता है, तो इसे वापस ले लेना चाहिए।
उन्होंने लिखा, ‘‘चीन का रूस पर मजबूत नियंत्रण है, यहां तक कि उसकी पकड़ भी है,’’ और कड़े ‘टैरिफ’ ‘‘उस पकड़ को तोड़ देंगे।’’ अपने पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि युद्ध की जिम्मेदारी उनके पूर्ववर्ती, जो बाइडन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर है। उन्होंने इस सूची में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शामिल नहीं किया।
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