एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शैलेश ने स्वर्ण के साथ भारत का खाता खोला, पहले दिन बने दो विश्व रिकॉर्ड

एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शैलेश ने स्वर्ण के साथ भारत का खाता खोला, पहले दिन बने दो विश्व रिकॉर्ड
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नयी दिल्ली, 27 सितंबर 2025 (भाषा)

शैलेश कुमार और वरुण सिंह भाटी ने शनिवार को पुरुषों की ऊंची कूद टी63-टी42 स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेजबान भारत का खाता खोला पच्चीस वर्षीय शैलेश ने टी42 वर्ग में 1.91 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चैंपियनशिप रिकॉर्ड और एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

शैलेश ने जीत के बाद कही ये बात

बिहार के जमुई जिले के इस्लाम नगर गांव में एक किसान परिवार में जन्मे शैलेश के दाहिने पैर में बचपन में ही पोलियो हो गया था। शैलेश ने जीत के बाद पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जब मैं स्कूल में था तो मैं सामान्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता था। लोग मुझे कहते थे कि मैं खेल क्यों खेल रहा हूं। वे कहते थे कि कोई नौकरी कर लो या कुछ और करो।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘जब मैंने 2016 के रियो पैरालिंपिक में देखा कि यह खेल मेरी श्रेणी में होता है, तब मैंने पैरा खेलों में शुरुआत करने का फैसला किया।’’

विजेता भाटी ने जीता कांस्य पदक

पैरा एशियाई खेलों के पूर्व पदक विजेता भाटी ने कांस्य पदक जीता जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अमेरिका के एज्रा फ्रेच ने रजत पदक हासिल किया। भाटी और फ्रेच दोनों ने 1.85 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाई लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने ‘काउंट-बैक’ में भारतीय खिलाड़ी को हरा दिया।

भारतीय राहुल चौथे स्थान पर

इस स्पर्धा में शामिल तीसरे भारतीय राहुल 1.78 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चौथे स्थान पर रहे। शैलेश, भाटी और राहुल टी42 एथलीट हैं जिनके घुटने के ऊपर एक अंग विच्छेदन हुआ हो या एक समान दिव्यांगता हो। टी63 वर्गीकरण उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके घुटने के पास दिव्यांगता हो। टी63 और टी42 एथलीटों को एक ही स्पर्धा में शामिल किया जा सकता है और शनिवार को भी यही प्रक्रिया अपनाई गई।

दीप्ति जीवनजी ने भी क्या अच्छा प्रदर्शन

महिलाओं के 400 मीटर टी20 फाइनल में भारत की गत चैंपियन दीप्ति जीवनजी ने 55.16 सेकंड के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता। बीस साल की ओन्डर 2024 सत्र में दीप्ति के बाद दूसरे स्थान पर रही थीं। तुर्किऐ की आयसेल ओन्डर ने 54.51 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने 54.96 सेकंड के अपने ही विश्व रिकॉर्ड में सुधार किया। यह स्पर्धा बौद्धिक अक्षमताओं वाले एथलीटों के लिए होती है।

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