कटनी (कैमोर), 04 अक्टूबर 2025 (दैमप्र)
विजयादशमी पर्व पर कैमोर का दशहरा इस बार पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। यहां ऐतिहासिक मैदान में प्रदेश का सबसे विशाल रावण दहन किया गया। करीब 85 फ़ुट ऊँचे रावण का दहन इलेक्ट्रॉनिक तीर से किया गया, जिसके साथ ही मैदान में मौजूद लाखों की भीड़ ने जयकारों के साथ अहंकार के अंत का उत्सव मनाया।
विधायक संजय पाठक का किया जोरदार स्वागत
कैमोर एसीसी दशहरा उत्सव समिति कैमोर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विजयराघवगढ़ विधान सभा के विधायक संजय सत्येंद्र पाठक का नगर आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। नगर परिषद कैमोर की अध्यक्ष पलक नामित ग्रोवर एवं उपाध्यक्ष संतोष केवट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर अतिथियों का अभिनंदन किया।
जनता का उमड़ा उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट और नारों के बीच अपने नेता का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। जैसे ही राम के रूप में सजे कलाकार ने इलेक्ट्रॉनिक तीर छोड़ा, पलभर में रावण धू-धू कर जल उठा। चारों ओर आतिशबाजियों की गूंज और जय श्रीराम के नारे से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम को देखने आसपास के गाँवों और जिलों से भी लोग पहुँचे थे। मेले में रौनक इतनी रही कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

कार्यक्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
आयोजन समिति ने बताया कि रावण दहन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया, ताकि सुरक्षा और आकर्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। दशहरा पर्व ने यह शिक्षा दी कि बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। रावण दहन के साथ आकाश में छोड़ी गई रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने हर किसी का दिल जीत लिया। चारों तरफ़ गूँजते “जय श्रीराम” के नारे माहौल को भक्ति और उत्साह से भरते रहे। आसपास के गाँवों और जिलों से उमड़ी भीड़ मेले में देर रात तक बनी रही। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे, वहीं आयोजन समिति ने तकनीक और आतिशबाजी से पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।
लाखों की भीड़ ने देखा अहंकारी रावण का अंत
रावण दहन के साथ-साथ आकाशीय रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया। लोगों के चेहरों पर खुशी और उल्लास झलकता रहा। आयोजन में हर वर्ग और समुदाय की मौजूदगी ने समाज में भाईचारे, सद्भाव और शांति का संदेश भी दिया। दशहरा पर्व ने एक बार फिर सिखाया कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है।
सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता, दशहरे में नहीं हुई कोई चूक
कैमोर ऐतिहासिक दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन और पुलिस ने पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। मेले के दौरान बड़ी भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई। एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी स्वयं मैदान में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई। वहीं, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मी भी मैदान में तैनात रहीं।

ड्रोन कैमरे और 15 सीसीटीवी कैमरे से हुई निगरानी
अनुमानित 50 से 70 हजार दर्शक मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों समेत देशभर से कैमोर पहुंचे। भीड़ की सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे, 15 सीसीटीवी और 350 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती एसीसी कंपनी ने की। जिला प्रशासन और पुलिस की भी विशेष व्यवस्था रही। क्लस्टर हेड दिनेश पाठक ने कहा कि कैमोर का दशहरा अब केवल स्थानीय उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह पूरे बुंदेलखंड और महाकौशल अंचल का धार्मिक व सांस्कृतिक आकर्षण बन चुका है। यहां वाराणसी की मंडली द्वारा 18 तारीख से रामलीला का मंचन किया गया, जो हजारों दर्शकों का केंद्र बना। इसी दौरान एसीसी कैमोर हेड अतुल दत्ता ने कहा कैमोर दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे क्षेत्र की पहचान और गौरव बन चुका है।
देश में सबसे बड़े रावण दहन अब कैमोर में
स्थानीय विधायक संजय पाठक ने कहा कि 86 वर्षों से निरंतर दशहरा जैसी विशाल जिम्मेदारी निभाना अपने आप में अद्भुत है। कैमोर का रावण दहन अब पूरे देश में सबसे बड़ा कहलाता है। उन्होंने आगे कहा कि आज स्वयंसेवक संघ ने सनातन और हिंदू समाज की रक्षा के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, यह गौरव की बात है। संजय पाठक ने सभी को दशहरा और आगामी दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अच्छाई की बुराई पर और सत्य की असत्य पर जीत का प्रतीक है।
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