चंडीगढ़, 06 मई 2026 (भाषा)
पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि अमृतसर के खासा में सेना छावनी की चाहरदीवारी के पास हुआ विस्फोट कम तीव्रता वाला था। पुलिस डीजीपी ने बताया कि किसी भी समूह ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है।
यह विस्फोट आईएसआई की साजिश का हिस्सा
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि चूंकि आज ऑपरेशन सिंदूर का एक वर्ष पूरा हुआ है, इसलिए यह पंजाब में अशांति फैलाने की पाकिस्तान की आईएसआई की साजिश का हिस्सा है। पंजाब राष्ट्र की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ परोक्ष युद्ध लड़ रहा है।’’ डीजीपी के अनुसार, विस्फोट की सटीक प्रकृति और उसमें इस्तेमाल किए गए उपकरण का पता फॉरेंसिक जांच के बाद ही चलेगा।
एसएसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) सहित पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विस्फोट स्थल पहुंचे। पंजाब पुलिस और बीएसएफ के बम निरोधक दस्ते ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्षेत्र को सुरक्षित किया और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए नमूने एकत्र किए। डीजीपी ने बताया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सेना तथा अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “कई टीम इस मामले पर काम कर रही हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम मेधा, तकनीकी संसाधनों और फॉरेंसिक इनपुट का उपयोग कर रही हैं कि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाए।’’
चारदीवारी की ओर कुछ फेंका बम
अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहैल मीर कासिम ने कहा, ‘‘हमें रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि खासा में एक सड़क पर तेज आवाज सुनाई दी है, इसके बाद हमारी टीम तुरंत वहां पहुंचीं।’’ उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और विश्लेषण से पता चला है कि कोई व्यक्ति यहां आया और उसने चाहरदीवारी की ओर कुछ फेंका जिससे विस्फोट हो गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के परिणामस्वरूप चाहरदीवारी पर लगी टिन की चादर का एक टुकड़ा गिर गया।
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