नयी दिल्ली, 20 जून 2026 (भाषा)
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) बच्चों एवं उनके माता-पिता की धैर्य की परीक्षा ले रही है। राहुल ने यह भी कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद होना चाहिए।
रातभर रोता रहा छात्र
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि नागपुर का एक छात्र पिछले एक महीने से नीट पुनर्परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उन्होंने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले जब छात्र ने अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड किया तो उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित मिला। उन्होंने कहा, “न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक्त बचा है। वह रातभर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है।’’
राहुल गांधी ने आगे क्या कहा?
उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? राहुल गांधी ने कहा, “कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज “टेस्ट” कर रही है।” उनका कहना है कि जो व्यस्था एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं।
बच्चों के भविष्य से मत खेलिए
कांग्रेस नेता ने अपने हालिया छात्र सम्मेलन का हवाला देते हुए कहा, “कोटा में मैंने यही कहा था, यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने साधा निशाना
राहुल गांधी ने जिस छात्र का जिक्र किया , उसको लेकर एनटीए का कहना है कि शिकायत का निवारण किया जा रहा है और आवश्यक सत्यापन के बाद परीक्षार्थी को अगले कुछ घंटों में नागपुर में एक परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा।
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