भोपाल, 19 फरवरी 2026 (भाषा)
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का रोलिंग बजट पेश किया, जिसमें 4.38 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय और महिलाओं, गरीबों और किसानों पर ध्यान केंद्रित करने वाले छह आयामी विकास ढांचे पर जोर दिया गया है।
लगातार छठी बार राज्य का और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए देवड़ा ने कहा कि उनके द्वारा पेश किया गया बजट देश का पहला ‘रोलिंग बजट’ है।
विधानसभा में कांग्रेस का जबरदस्त हंगामा
देवड़ा ने राज्य विधानसभा में विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई, हंगामा किया और जमकर नारेबाजी भी की। विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास (एलएडी) निधि ना बढ़ाए जाने से नाराज कांग्रेस के सदस्य कुछ देर आसन के निकट आकर बैठ गए और सरकार विरोधी नारे भी लगाए।
इन सबसे बेपरवाह देवड़ा ने लगभग 90 मिनट तक भाषण दिया, जो विकास के ‘ज्ञानी’ (जीवाईएएनआई) मॉडल पर केंद्रित था, जिसमें गरीब, युवा, किसान, महिलाएं, बुनियादी ढांचा और औद्योगीकरण शामिल हैं।
कुल बजट का लगभग 90 प्रतिशत या लगभग तीन लाख करोड़ रुपये इन छह स्तंभों के लिए आवंटित किया गया है।
लाड़ली बहनों के लिए ₹23,883 करोड़ का महा-प्रावधान
महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें प्रमुख “लाडली बहना योजना” के लिए 23,883 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2023 में शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत अब तक 52,304 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।
महिला कल्याण योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रु. के प्रावधान
देवड़ा ने स्वयं सहायता समूहों एवं उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 के लिए ‘विशेष फंड’ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने 2028 में उज्जैन में होने वाले धार्मिक आयोजन ‘सिंहस्थ कुंभ’ के लिए 3,600 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।
बच्चों के पोषण के लिए ‘टेट्रा पैक दूध’ की शुरुआत
देवड़ा ने घोषणा की कि 15,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी जबकि सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के बच्चों को ‘टेट्रा पैक’ दूध मुफ्त में उपलब्ध दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।
अन्नदाताओं के लिए बड़ी सौगात: 1 लाख सोलर पंप
वित्त मंत्री ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), (वीबी-जी राम जी) के लिए 10,428 करोड़ रुपये और पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को समर्पित है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि एक लाख किसानों को सौर पंप प्रदान किए जाएंगे।
जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रु. का प्रावधान
देवड़ा, जो कि राज्य के उपमुख्यमंत्री भी हैं, ने कहा कि श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये, सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
बजट से पहले विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
कांग्रेस ने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है और सरकार का कहना है कि सब कुछ ठीक है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने दावा किया कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का उधार लिया जाना इस बात का संकेत है कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ सरकार जनता के कर के पैसे से कर्ज लेकर घी पी रही है और विकास के नाम पर केवल भ्रम फैला रही है।’’ विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सिंघार ने कहा कि यह झूठे आंकड़ों और खोखले वादों का बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के लोगों के साथ धोखा है और जमीनी हकीकत से पूरी तरह से कटा हुआ है।
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