कश्मीर पर कांग्रेस में अलग-अलग आवाजें दिशाहीन राजनीति को दिखाती हैं : जावड़ेकर

फाइल फोटो
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे पर कांग्रेस से आ रही अलग-अलग आवाजें निराशा, हताशा और दिशाहीन राजनीति को दिखाती हैं।   उन्होंने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 के तहत मिला विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले से जम्मू-कश्मीर के लोग खुश हैं

 चिदंबरम ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा इसलिए खत्म किया, क्योंकि वह मुस्लिम बहुल राज्य है। अगर वह हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा नीत राजग सरकार यह फैसला नहीं लेती।   उनके इस बयान की सत्तारूढ़ दल ने निंदा करते हुए इसे भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करार दिया।   

जावड़ेकर ने पत्रकारों से कहा, यह कांग्रेस की निराशा, हताशा और दिशाहीन राजनीति है। कर्ण सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और अन्य नेता एक बात कह रहे हैं, जबकि चिदंबरम, मणिशंकर अय्यर दूसरी बात कह रहे हैं। कांग्रेस पार्टी भ्रमित है और उसका कभी स्पष्ट रुख नहीं रहा है।  केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने ईद का त्योहार हर्षाेल्लास से मनाया।

उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहता हूं कि अनुच्छेद हटने के बाद कश्मीर के लोग प्रगति करेंगे और उन्हें वे अधिकार मिलेंगे जिनसे वे 70 साल से वंचित रखे जा रहे थे। इसलिए वे खुश हैं, जबकि कुछ लोगों ने जम्मू-कश्मीर में अशांति की उम्मीद की थी और इसकी कोशिश भी की थी। 

 उन्होंने कहा, जिस तरह लोगों ने ईद की खुशियां मनाईं और वे बाहर आए, यह प्रदर्शित करता है कि वे खुश हैं। कश्मीर में हालात जल्द सामान्य होंगे, लेकिन कुछ लोग यदि कश्मीर में फलस्तीन देखते हैं, तो यह उनकी नकारात्मक सोच है। चिदंबरम मुद्दे को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं और यह गंदी राजनीति है।   

जावड़ेकर ने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) भारत का अभिन्न अंग है और विधानसभा में उसकी सीटें छोड़ी जाएंगी। 

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