नयी दिल्ली, 02 अगस्त 2025 (भाषा)
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दावा किया पिछले लोकसभा चुनाव में करीब 100 सीट पर धांधली हुई है और अगर इनमें से 15 सीट पर भी धांधली नहीं हुई होती, तो नरेन्द्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री नहीं होते।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के विधि, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विधिक सम्मेलन में इस बात को फिर से दोहराया कि कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची में हेरफेर के जो सबूत मिले हैं, वो “एटम बम” की तरह हैं।
15 सीट पर भी धांधली हुई धांधली
उन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “आज (नरेन्द्र मोदी) प्रधानमंत्री पद पर बहुत ही साधारण बहुमत के साथ हैं। हमारा मानना है कि (लोकसभा चुनाव में) 70,80 या 100 सीट तक पर धांधली हुई है। यदि 15 सीट पर भी धांधली नहीं हुई होती, तो वह (मोदी) भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते। उन्होंने कहा, “हम अगले कुछ दिन में यह साबित करने जा रहे हैं कि एक लोकसभा चुनाव में कैसे धांधली हो सकती है और कैसे की गई।”
“2014 से ही मुझे चुनाव प्रणाली पर संदेह हैं : राहुल गाँधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “2014 से ही मुझे चुनाव प्रणाली पर संदेह है। (भाजपा की) प्रचंड जीत हासिल करने की क्षमता आश्चर्यजनक है। महाराष्ट्र में जो हुआ, उसने मुझे इस मुद्दे को गंभीरता से लेने पर मजबूर कर दिया। राहुल गांधी ने कहा, “ मैं बिना सबूत के कुछ नहीं बोल सकता था, लेकिन अब मैं बिना किसी संदेह के कहता हूं कि हमारे पास सबूत हैं। “
सबूत ‘एटम बम’ की तरह : राहुल
कांग्रेस के शीर्ष नेता ने शुक्रवार को दावा किया था कि निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ में शामिल है और इस बारे में उनके पास ऐसा पुख्ता सबूत है, जो ‘एटम बम’ की तरह है, जिसके फटने पर आयोग को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी। निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को निराधार और निंदनीय करार दिया तथा कहा कि अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आयोग और उसके कर्मचारियों को धमकाना भी शुरू कर दिया है।
अन्य राष्ट्रीय खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

