कोरोना वायरस: भारत में संक्रमण के 41,810 नए मामले सामने आए, कुल मामलों की संख्या करीब 94 लाख हुई

सांकेतिक तस्वीर
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नई दिल्ली, 29 नवम्बर (भाषा) भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर करीब 94 लाख हो गए हैं, जिनमें से 88 लाख से अधिक लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। इसके साथ ही लोगों के स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर और सुधरकर 93.71 प्रतिशत हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 41,810 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 93,92,919 हो गई है तथा 496 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,36,696 हो गई है।

देश में लगातार 19वें दिन उपचाराधीन मामलों की संख्या पांच लाख से कम बनी हुई है। भारत में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,53,956 है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 4.83 फीसदी है।

देश में संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 88,02,267 हो गई है, जिसके बाद लोगों के स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 93.71 प्रतिशत हो गई है, जबकि कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की दर 1.46 फीसदी है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आईसीएमआर के मुताबिक 28 नवंबर तक 13.92 करोड़ नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 12,83,449 नमूनों की जांच शुक्रवार को की गई।

भारत में सात अगस्त को संक्रमित लोगों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख के पार चली गई थी। वहीं, कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के कारण 496 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दिल्ली में 89, महाराष्ट्र में 88, पश्चिम बंगाल में 52, हरियाणा में 30, पंजाब में 28, केरल में 25 और उत्तर प्रदेश में 21 लोगों की मौत हुई।

देश में संक्रमण से अब तक कुल 1,36,696 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 46,986, कर्नाटक में 11,750, तमिलनाडु में 11,694, दिल्ली में 8,998, पश्चिम बंगाल से 8,322, उत्तर प्रदेश में 7,718, आंध्र प्रदेश में 6,981, पंजाब में 4,765, गुजरात में 3,953 और मध्य प्रदेश में 3,237 लोगों की मौत हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

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