हाईलाइट्स
| 1. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। 2. पीएम मोदी ने इसरो की जैकेट पहने शुभांशु शुक्ला का स्वागत करते हुए उन्हें गले लगाया और उनके साथ बातचीत की। 3. शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच और भारतीय तिरंगा प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया। |
नयी दिल्ली, 19 अगस्त 2025 (भाषा)
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सोमवार को मुलाकात की। शुभांशु शुक्ला 25 जून 2025 को ‘एक्सिओम-4 मिशन’ के तहत अंतरिक्ष में गए थे। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन रहे और 15 जुलाई को वापस लौटे।
मोदी ने शुभांशु शुक्ला का किया गले लगाकर स्वागत
शुक्ला ने प्रधानमंत्री से लोक कल्याण मार्ग स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। मोदी ने इसरो अंतरिक्ष यात्री की जैकेट पहने शुक्ला को गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत किया और उनके कंधे पर हाथ रखकर उनके साथ चले। शुक्ला ने प्रधानमंत्री को ‘एक्सिओम-4 मिशन’ का ‘मिशन पैच’ और वह भारतीय तिरंगा भेंट किया, जो वह अपने साथ आईएसएस ले गए थे। जब शुक्ला और मोदी ने 29 जून को बातचीत की थी, तब आईएसएस पर पृष्ठभूमि में यह भारतीय तिरंगा लहरा रहा था।

शुक्ला ने प्रधानमंत्री को एक फ्रेमयुक्त तिरंगा भेंट करते हुए अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘आज माननीय प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई। पिछली बार जब मैंने उनसे (अंतरिक्ष में) कक्षा से डिजिटल माध्यम से बात की थी, तब आईएसएस में पृष्ठभूमि में यही झंडा दिख रहा था।’’ लखनऊ में जन्मे अंतरिक्ष यात्री को प्रधानमंत्री मोदी को आईएसएस से ली गई तस्वीरें ‘टैबलेट कंप्यूटर’ पर दिखाते हुए देखा गया।

गगनयान मिशन को लेकर में दुनियाभर दिलचस्पी
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया कि भारत के गगनयान मिशन को लेकर दुनियाभर में काफी दिलचस्पी है और वैज्ञानिक इसका हिस्सा बनने के इच्छुक हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘भारत के गगनयान मिशन को लेकर लोग बेहद उत्साहित हैं। मेरे मिशन के कई साथी (एक्सिओम-4 मिशन के) इस प्रक्षेपण के बारे में जानना चाहते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मिशन के मेरे कई साथियों ने मुझसे वादा भी लिया कि उन्हें गगनयान मिशन के प्रक्षेपण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। वे हमारे यान में यात्रा करना चाहते थे।’’

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए 40-50 अंतरिक्ष यात्रियों का एक समूह तैयार करना जरूरी है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि आपका मिशन पहला कदम है।’’
प्रधानमंत्री ने 29 जून को की थी शुक्ला से बातचीत
प्रधानमंत्री ने 29 जून को ‘एक्सिओम-4 मिशन’ के शुरुआती दिनों में शुक्ला से बातचीत की थी। उन्होंने शुक्ला से अपने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने के अपने अनुभव और उस दौरान लिये प्रशिक्षण का दस्तावेजीकरण करने का भी अनुरोध किया था, ताकि गगनयान सहित भारत के भविष्य के मिशन को मदद मिल सके।
शुक्ला ने इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस वार्ता में कहा था कि उन्होंने अपने मिशन के हर पहलू का दस्तावेजीकरण करने का प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उन्हें सौंपा गया कार्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो कुछ भी वहां कर रहे थे, मुझसे उसका दस्तावेजीकरण करने के लिए कहा गया था। मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि मैंने यह बहुत अच्छी तरह से किया है। मैं वापस आकर अपने कार्यक्रम के साथ यह सब साझा करने के लिए उत्साहित हूं। मुझे विश्वास है कि यह सारा ज्ञान हमारे अपने ‘गगनयान’ मिशन के लिए बेहद उपयोगी और महत्वपूर्ण साबित होगा।’’

भारत की 2027 में अपना पहला मानव अंतरिक्ष यान भेजने तथा 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना है। भारत की 2040 तक चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यात्री उतारने की भी योजना है।
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