उच्च न्यायालय ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

The High Court dismissed the petition challenging the order to impose a temporary ban on Telegram.
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नयी दिल्ली, 19 जून 2026 (भाषा)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुन:परीक्षा से पहले सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ तक पहुंच को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने के केंद्र सरकार के कदम को शुक्रवार को बरकरार रखा और कहा कि यह आदेश ‘‘अनुचित नहीं’’ है।

वकील ने उठाया सरकारी आदेश की वैधता पर सवाल

न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार का आदेश ‘‘अपनाया गया सबसे कम प्रतिबंधात्मक उपाय’’ है और सरकार के पास टेलीग्राम तक पहुंच को अवरुद्ध करने का निर्देश देने का अधिकार है। विस्तृत आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। टेलीग्राम के वकील ने मंच तक पहुंच को अवरुद्ध करने के सरकारी आदेश की वैधता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की इस कार्रवाई से 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं।

टेलीग्राम पर भारत में क्यों लगा बैन?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच मेडिकल प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) को 12 मई को रद्द कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रहा है और पुन: परीक्षा 21 जून को होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने एनटीए की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत 16 जून को एक निर्देश जारी किया था, जिसमें भारत में 22 जून तक टेलीग्राम तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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